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US vs India Tomato Prices: अमेरिका में टमाटर की कीमत भारत के मुकाबले कई गुना ज्यादा है. राजधानी दिल्ली में इस वक्त 20 से 30 रुपये प्रति किलो टमाटर बिक रहा है, जबकि अमेरिकी शहरों में एक किलो टमाटर की कीमत करीब 300 से 900 रुपये है. यूएस में महंगी खेती, मजदूरी, पैकेजिंग और सप्लाई सिस्टम के कारण सब्जियों की कीमत ज्यादा होता है. भारत की बात करें तो यहां स्थानीय उत्पादन और कम लागत के कारण टमाटर सस्ते मिलते हैं.
अमेरिका में टमाटर की कीमत 350 से 900 रुपये प्रति किलो के बीच है.
Tomato Prices in America: टमाटर का इस्तेमाल अधिकतर सब्जियों में किया जाता है. इसे सलाद में भी खूब खाया जाता है. अधिकतर लोग रोज टमाटर खाते हैं. इसका स्वाद अच्छा होता है और यह सेहत के लिए भी फायदेमंद माना जाता है. देश की राजधानी दिल्ली और इसके आसपास के राज्यों में इस वक्त टमाटर काफी सस्ता है. लोगों को 20 से 30 रुपये प्रति किलो टमाटर मिल रहा है. क्या आप जानते हैं कि अमेरिका में टमाटर की कीमत कितनी है? अधिकतर लोग सोचेंगे कि यूएस में 100 या 200 रुपये किलो टमाटर मिलता होगा, लेकिन असल में वहां कीमत बहुत ज्यादा है. भारत में मौसम और जगह के हिसाब से टमाटर कभी बेहद सस्ते तो कभी महंगे मिलते हैं, वहीं यूएस में इसकी कीमत आमतौर पर काफी ज्यादा होती है.
अमेरिका में टमाटर की कीमत राज्य, शहर और सीजन के अनुसार बदलती रहती है, लेकिन औसतन यह 2 से 5 डॉलर प्रति पाउंड के बीच होती है. अगर इसे भारतीय रुपये में बदलें तो करीब 350 से 900 रुपये प्रति किलो तक बैठती है. ऑर्गेनिक या विशेष किस्म के टमाटर इससे भी ज्यादा महंगे हो सकते हैं. वहीं भारत में सामान्य दिनों में टमाटर 20 से 50 रुपये किलो तक आसानी से मिल जाते हैं. कभी-कभी महंगाई के समय यह 100 रुपये या उससे ऊपर भी पहुंच जाते हैं. सिर्फ टमाटर ही नहीं, बल्कि अमेरिका में अधिकतर सब्जियों की कीमत भारत के मुकाबले 10-20 गुना ज्यादा होती है.
अमेरिका में सब्जियों की महंगाई के पीछे कई कारण हैं. अमेरिका में खेती की लागत ज्यादा होती है, जिसमें मजदूरी, पैकेजिंग, ट्रांसपोर्ट और स्टोरेज का खर्च शामिल है. इसके अलावा वहां की सप्लाई चेन और क्वालिटी स्टैंडर्ड भी कीमत को बढ़ाते हैं. वहीं भारत में स्थानीय उत्पादन और सस्ती श्रम लागत के कारण सब्जियां तुलनात्मक रूप से सस्ती रहती हैं. इसके अलावा अमेरिका में लोग अक्सर सुपरमार्केट से पैक्ड और ग्रेडेड टमाटर खरीदते हैं, जो दिखने में एक जैसे और अच्छी क्वालिटी के होते हैं. इसके लिए अतिरिक्त प्रोसेसिंग और पैकेजिंग की जरूरत होती है, जो कीमत को और बढ़ा देती है. दूसरी तरफ भारत में मंडियों और स्थानीय बाजारों में सीधे किसानों से सब्जियां पहुंचती हैं, जिससे कीमत कम रहती है.
यह भी सच है कि अमेरिका में लोगों की इनकम भारत की तुलना में काफी अधिक है, इसलिए वहां के हिसाब से ये कीमतें उतनी भारी नहीं लगतीं, जितनी भारतीय नजरिए से लगती हैं. जब सीधी तुलना की जाती है, तो फर्क साफ नजर आता है और यही वजह है कि यह विषय लोगों के बीच चर्चा का कारण बन जाता है. जब हम सुनते हैं कि वहां 1 किलो टमाटर सैकड़ों रुपये में मिल रहा है, तो हैरानी होना लाजमी है, क्योंकि उतने पैसों में भारत में सचमुच एक पूरा थैला भर सकता है.
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अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें

