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भीषण गर्मी में लोग जहां ठंडे पेय पदार्थों की तलाश में रहते हैं, वहीं भरतपुर के गांवों में आज भी एक देसी ड्रिंक सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है. छाछ और दलिया से बनने वाला यह खास पेय न सिर्फ शरीर को ठंडा रखता है, बल्कि दिनभर ऊर्जा भी बनाए रखता है. यही वजह है कि आधुनिक ड्रिंक्स के बीच भी यह पारंपरिक नुस्खा आज तक लोगों की पहली पसंद बना हुआ है.
जैसे-जैसे गर्मी अपने चरम पर पहुंचती है, शरीर को संभालना भी एक चुनौती बन जाता है. तेज धूप, बढ़ता तापमान और पसीना सब मिलकर शरीर से पानी और ऊर्जा दोनों छीन लेते हैं. ऐसे में थकान, डिहाइड्रेशन और पाचन से जुड़ी दिक्कतें आम हो जाती हैं. यहीं पर आपकी डाइट सबसे बड़ा सहारा बनती है. अगर खान-पान सही हो, तो गर्मी का असर काफी हद तक कम किया जा सकता है. खासकर ऐसे पेय, जो शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ एनर्जी भी दें, इस मौसम में किसी वरदान से कम नहीं होते.

भीषण गर्मी से बचने के लिए भरतपुर के ग्रामीण इलाकों में आज भी लोग देसी और कारगर नुस्खों पर भरोसा करते हैं. घर से बाहर निकलने से पहले यहां के लोग एक खास पारंपरिक ड्रिंक जरूर पीते हैं, जो उन्हें दिनभर तरोताजा बनाए रखता है. यह देसी पेय छाछ और दलिया को मिलाकर तैयार किया जाता है, जिसमें स्वाद बढ़ाने के लिए नमक और भुना हुआ जीरा डाला जाता है. देखने में भले ही साधारण लगे, लेकिन यह ड्रिंक पोषण और ठंडक से भरपूर होता है, जो गर्मी में शरीर को अंदर से मजबूत और हाइड्रेट रखने में मदद करता है.

छाछ और दलिया का यह मेल सिर्फ स्वाद ही नहीं, सेहत का भी जबरदस्त कॉम्बिनेशन है. छाछ जहां शरीर को ठंडक पहुंचाकर पाचन तंत्र को मजबूत बनाती है, वहीं दलिया लंबे समय तक ऊर्जा देने का काम करता है, जिससे शरीर दिनभर एक्टिव बना रहता है. जब ये दोनों एक साथ मिलते हैं, तो यह ड्रिंक पूरी तरह संतुलित और पौष्टिक बन जाता है. इसमें डाला गया भुना जीरा पाचन को दुरुस्त करता है, जबकि नमक शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी को पूरा कर गर्मी से होने वाली कमजोरी से बचाता है. यानी एक गिलास में ठंडक, ताकत और सेहत तीनों का परफेक्ट पैकेज.
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गर्मियों में ऐसे देसी पेय किसी नेचुरल टॉनिक से कम नहीं होते. यह ड्रिंक शरीर को डिहाइड्रेशन से बचाने के साथ-साथ लू लगने के खतरे को भी काफी हद तक कम कर देता है. सबसे खास बात यह है कि इसे पीने के बाद शरीर अंदर से ठंडा और हल्का महसूस करता है, जिससे दिनभर ताजगी बनी रहती है. साथ ही यह लगातार ऊर्जा देता है, जो तपती गर्मी में शरीर को एक्टिव और हेल्दी बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी होता है. यानी एक साधारण सा देसी पेय, लेकिन फायदे बड़े-बड़े.

यही वजह है कि आज भी आधुनिक पेय पदार्थों के दौर में यह देसी ड्रिंक ग्रामीण इलाकों में लोगों की पहली पसंद बनी हुई है. सरल सामग्री और आसान तरीके से तैयार होने वाला यह पेय गर्मियों में सेहत का एक असरदार मंत्र साबित हो रहा है. खासतौर पर भरतपुर के गांवों में इसे बड़े चाव से पिया जाता है, जहां लोग इसे सिर्फ स्वाद के लिए नहीं, बल्कि शरीर को ठंडा, हाइड्रेट और ऊर्जावान बनाए रखने के लिए अपनाते हैं. यानी सादगी में छुपा यह देसी नुस्खा आज भी गर्मी से राहत का सबसे भरोसेमंद तरीका बना हुआ है.

