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Sukanya Samriddhi Yojana: बेटी की शादी से लेकर उसकी पढ़ाई तक के खर्च के लिए अब पैसे की टेंशन लेने की जरूरत नहीं है. केंद्र सरकार ने आपकी बेटी के भविष्य को आर्थिक रूप से सुरक्षित बनाने के लिए एक शानदार योजना शुरू की है जिसका नाम है सुकन्या समृद्धि योजना. इस योजना से कैसे आप मोटा फंड बना सकते हैं और कब निवेश शुरू कर सकते हैं, ये सब बताते हैं.
हर माता-पिता अपने बच्चों का उज्ज्वल भविष्य चाहते हैं. खासकर बेटियों की शिक्षा और शादी जैसे बड़े खर्चों को लेकर चिंता रहती है. ऐसे में केंद्र सरकार की सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) एक बेहतरीन ऑप्शन है. यह योजना बेटियों के नाम पर बचत और निवेश का सुरक्षित और फायदेमंद तरीका है, जिसमें अच्छा ब्याज मिलता है और टैक्स छूट भी मिलती है.

फिर भी कई अभिभावकों के मन में इस योजना के नियम, न्यूनतम-अधिकतम निवेश, मैच्योरिटी समय और निकासी के बारे में सवाल होते हैं. इस लेख में हम इन सभी बातों को आसान तरीके से आपको बताएंगे, ताकि आप बिना किसी कन्फ्यूजन के अपनी बेटी के भविष्य के लिए सही तरीके से इस योजना का फायदा उठा सकें.

लाइवमिंट की रिपोर्ट के अनुसार, आप बच्चे के जन्म के 10 साल के अंदर किसी भी समय सुकन्या समृद्धि खाता खोल सकते हैं. लेकिन कई माता-पिता के मन में एक आम सवाल उठता है कि अगर हमारी बेटी पहले ही 10 साल की हो चुकी है और हम अब खाता खोल रहे हैं, तो क्या हमें वह 72 लाख रुपये जैसी बड़ी रकम मिल पाएगी, जिसका हमने सपना देखा है?
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इसका जवाब है- हां, पूरी तरह मिल सकती है. आपको यह समझना चाहिए कि सुकन्या समृद्धि योजना की मैच्योरिटी अवधि 21 साल की होती है. यानी खाता खुलने की तारीख से 21 साल बाद मैच्योर हो जाएगा, भले ही बेटी की उम्र कितनी भी हो. जितनी जल्दी खाता खोलेंगे, उतना ज्यादा समय कंपाउंडिंग का फायदा मिलेगा.

अगर आप अपनी बेटी के नाम पर 72 लाख रुपये जमा करना चाहते हैं, तो आपको हर साल अधिकतम 1.5 लाख रुपये निवेश करना होगा. अच्छी बात यह है कि आपको पूरे 21 साल तक पैसा जमा करने की जरूरत नहीं है. सिर्फ पहले 15 साल तक ही योगदान करना होता है.

अगर आप बेटी के 10 साल की उम्र में खाता खोलते हैं, तो आप 15 साल तक (जब बेटी 25 साल की हो जाएगी) हर साल 1.5 लाख रुपये जमा कर सकते हैं. इन 15 सालों में आपकी कुल मूल राशि ठीक 22.5 लाख रुपये हो जाएगी. बाकी के 6 सालों में यह राशि बिना किसी और जमा के कंपाउंडिंग के जरिए बढ़ती रहेगी और मैच्योरिटी पर करीब 72 लाख रुपये तक पहुंच सकती है.

15 साल तक निवेश करने के बाद आपको एक भी रुपया और जमा करने की जरूरत नहीं पड़ती. उसके बाद अगले 6 साल तक आपका खाता अपने आप चलता रहता है और जमा राशि बिना किसी अतिरिक्त पैसे के ब्याज कमाती रहती है। इस योजना पर अभी 8.2 प्रतिशत सालाना ब्याज मिल रहा है. इन छह सालों में ब्याज का असली चमत्कार दिखता है – अकेले इसी अवधि में करीब 49.32 लाख रुपये से ज्यादा ब्याज जुड़ जाता है. मैच्योरिटी पर मूल राशि और चक्रवृद्धि ब्याज मिलाकर कुल रकम लगभग 71.82 लाख रुपये (करीब 72 लाख रुपये) हो जाती है.

सुकन्या समृद्धि खाता बेटी के 18 साल की उम्र तक सिर्फ माता-पिता या अभिभावक ही चला सकते हैं. 18 साल पूरा होने के बाद लड़की को खाते का पूरा नियंत्रण मिल जाता है. इसके लिए उसे बैंक में जरूरी दस्तावेज जमा करने पड़ते हैं.

एक अच्छी बात यह है कि मैच्योरिटी का इंतजार करने की जरूरत नहीं है. अगर बेटी 18 साल की हो चुकी है या उसने कक्षा 10 पास कर ली है, तो वह अपनी उच्च शिक्षा के लिए खाते में जमा राशि का 50 प्रतिशत हिस्सा पहले ही निकाल सकती है. इससे उसकी कॉलेज की फीस आसानी से पूरी हो जाती है. बाकी बची हुई राशि उसे 21 साल की उम्र में मैच्योरिटी पर मिल जाती है, जो उसके आगे की पढ़ाई, करियर, व्यवसाय या शादी जैसे बड़े खर्चों के लिए मजबूत वित्तीय सहारा बन जाती है.

सुकन्या समृद्धि योजना में हर साल 1.5 लाख रुपये तक निवेश करने पर आपको धारा 80C के तहत टैक्स छूट का लाभ मिलता है। इसके अलावा, यह योजना EEE कैटेगरी में आती है. इसका मतलब है कि आपकी जमा की गई मूल राशि, उस पर मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी पर मिलने वाली पूरी रकम – तीनों पर कोई टैक्स नहीं लगता. साथ ही यह केंद्र सरकार की गारंटी वाली योजना है, इसलिए बाजार के उतार-चढ़ाव का कोई खतरा नहीं रहता है.

