इंडियन नेशनल ट्रस्ट फॉर आर्ट एंड कल्चरल हैरिटेज (इनटैक) के बिहार स्टेट चैप्टर ने आज मधुबनी में ‘मधुबनी जिलाक धरोहरि’ विषय पर एक परिचर्चा का आयोजन किया। इस अवसर पर इनटैक के बिहार स्टेट चैप्टर के कन्वेनर भैरवलाल दास ने घोषणा की कि मधुबनी में इनटैक का एक नया चैप्टर शीघ्र ही शुरू किया जाएगा। डॉ. नरेंद्र नारायण सिंह निराला के आवास पर आयोजित इस परिचर्चा में भैरवलाल दास ने इनटैक की गतिविधियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इनटैक का पूरे भारत में कला, संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण का एक उत्कृष्ट इतिहास रहा है। मिथिला, विशेषकर मधुबनी जिला, अपनी गौरवशाली लोक-सांस्कृतिक विरासत, कला, स्थापत्य और ज्ञान परंपराओं के लिए विश्वविख्यात है। दास ने कहा कि मधुबनी के प्रबुद्ध लोगों द्वारा लंबे समय से इनटैक के मधुबनी चैप्टर को खोलने की मांग की जा रही थी। जिले में भाषा, लोकनृत्य और लोकसंगीत की पुरानी परंपरा है, जिसे अगली पीढ़ी के लिए संरक्षित करने की आवश्यकता है। इस आयोजन के दौरान बिहार इनटैक चैप्टर के को-कन्वेनर शिव कुमार मिश्र ने जिले में पुरातत्व की लंबी श्रृंखला का उल्लेख किया। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि लोग कैथी और तिरहुता लिपि को भूलते जा रहे हैं, और इसी तरह तालाबों व गांवों की सांस्कृतिक सुंदरता के प्रति उदासीन हो गए हैं। मिश्र ने उम्मीद जताई कि मधुबनी चैप्टर में आने वाले दिनों में जागरूक नागरिक जुड़ेंगे और मधुबनी की विरासत को आगे बढ़ाने में अपना अमूल्य सहयोग प्रदान करेंगे। परिचर्चा की अध्यक्षता करते हुए प्रो. नरेंद्र नारायण सिंह निराला ने इस दिन को मधुबनी के लिए ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि इनटैक जिले में कला-संस्कृति के क्षेत्र में लोगों को सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मंच का संचालन डॉ. अभिषेक कुमार ने किया और प्रतीक प्रभाकर ने धन्यवाद ज्ञापन किया। इस अवसर पर पद्मश्री दुलारी देवी, पद्मश्री शिवन पासवान, डॉ. मीनाक्षी कुमारी, चंदना दत्त, अपर्णा कुमारी, डॉ. अरविंद कुमार, जावेद अहमद, मो. इस्मतुल्लाह गुलाब, अजयधारी सिंह, कौशिक झा, संजय जायसवाल, अमल कुमार झा, मधु कुमारी और विनयानंद झा सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
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