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मीनू मुमताज की जिंदगी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं रही. गरीबी और मुश्किल हालात में पली-बढ़ीं इस अदाकारा ने बचपन में ही परिवार की जिम्मेदारी संभाली और अपनी मेहनत के दम पर इंडस्ट्री में पहचान बनाई. खास बात यह रही कि उनके भाई महमूद उन्हें प्यार से ‘भाई’ कहकर बुलाते थे.
नई दिल्ली. बॉलीवुड में कई ऐसी कहानियां हैं, जहां संघर्ष ने ही लोगों को स्टार बनाया. ऐसी ही एक कहानी है मीनू मुमताज की, जिन्हें उनके भाई महमूद अली प्यार से ‘भाई’ बुलाते थे. उनकी जिंदगी में मुश्किलें बहुत थीं, लेकिन उन्हीं मुश्किलों ने उन्हें आगे बढ़ने की ताकत दी.

मीनू मुमताज का जन्म 26 अप्रैल 1942 को मुंबई में हुआ था. उनका असली नाम मलिकुल निसा था. उनके पिता मुमताज अली मशहूर अभिनेता और डांसर थे. घर में कुल सात भाई-बहन थे और मीनू सबसे छोटी थीं. बचपन से ही वह अपने पिता के साथ स्टेज शो में डांस करती थीं.

लेकिन परिवार की हालत अच्छी नहीं थी. उनके पिता को शराब की लत थी, जिसकी वजह से घर की आर्थिक स्थिति खराब रहती थी. कई बार ऐसा होता था कि बच्चे भूखे ही सो जाते थे. ऐसे हालात में छोटी सी उम्र में ही मीनू ने जिम्मेदारी उठा ली.
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उन्होंने ठान लिया कि वह फिल्मों में काम करेंगी ताकि घर को सहारा मिल सके. उनकी मेहनत रंग लाई और साल 1955 में उन्हें पहली फिल्म ‘सफी खातिम’ मिली. इसके बाद 1956 में CID से उन्हें पहचान मिली और वह रातों-रात मशहूर हो गईं.

इसके बाद मीनू ने पीछे मुड़कर नहीं देखा. उन्होंने कई फिल्मों में काम किया और अपनी अलग पहचान बनाई. वह सिर्फ खूबसूरत ही नहीं, बल्कि शानदार डांसर भी थीं. उन्होंने हीरोइन के साथ-साथ छोटे-छोटे किरदार भी किए, लेकिन हर रोल में छाप छोड़ दी.

महमूद अपनी बहन को ‘भाई’ कहते थे, क्योंकि मीनू ने ही मुश्किल वक्त में पूरे परिवार की जिम्मेदारी संभाली थी. उन्होंने खुद कहा था कि मीनू ने भाई से बढ़कर घर को संभाला. आर्थिक तंगी के समय उनके हाथ एक फिल्म लगी ‘हावड़ा ब्रिज’, इस फिल्म में मीनू को एक गाने (गोरा रंग चुनरिया काली) में अपने सगे भाई महमूद संग रोमांस करना पड़ा था.

जिस वक्त ये गाना रिलीज हुआ तो लोग भड़क उठे थे. लोगों ने कलाकारों को बायकॉट करने की मांग तक कर दी थी. भारी विरोध के बावजूद मीनू ने फिल्मों में काम करना जारी रखा और धीरे-धीरे ये बात भी दब गई. मीनू मुमताज ने ये साबित कर दिया था कि हिम्मत और मेहनत से कोई भी मुश्किल पार की जा सकती है. बाद में उन्होंने फिल्म ‘ब्लैक कैट’ में लीड रोल भी किया. मशहूर डांसर हेलन ने भी उनके डांस की तारीफ की थी.

साल 1963 में मीनू ने सैयद अली अकबर से शादी की. उनके चार बच्चे हुए. जिंदगी के आखिरी सालों में वह कनाडा में रह रही थीं. 23 अक्टूबर 2021 को 79 साल की उम्र में उनका निधन हो गया.मीनू मुमताज की कहानी आज भी लोगों को ये सिखाती है कि हालात कितने भी मुश्किल क्यों न हों, अगर हौसला हो तो इंसान अपनी किस्मत खुद लिख सकता है.

