समस्तीपुर जिले में जनवरी से अब तक सिर्फ 49 एमएम बारिश हुई है। कम बारिश होने के चलते वाटर लेवल नीचे चला गया है। ग्रामीण इलाकों में हैंडपंप जवाब देने लगा है। यहां तक की शहर के बीचों बीच से गुजरने वाली बूढी गंडक नदी भी नाले के समान हो गई है। नदी बांध से करीब 300 मीटर अंदर बह रहा है। भीषण गर्मी से लोगों का हाल बेहाल है। पारा भी 40 डिग्री सेल्सियस के पार जा रहा है। इन वजहों से शहर समेत ग्रामीण इलाकों में भूगर्भीय जलस्तर औसतन 20-25 फीट नीचे चला गया है। सबसे गंभीर स्थिति सरायरंजन और पूसा प्रखंड की है। सरायरंजन का भूगर्भीय जलस्तर 26.06 ,जबकि पूसा का 26.04 है। मुख्यालय में भी 25.11 फीट नीचे चला गया है। जिससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है। ग्रामीण इलाकों में चापाकल खराब पीएचईडी विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में 38 हजार सरकारी हैंडपंप है। इसमें से अधिकतर ठीक स्थिति में है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि 300 से 400 फीट पर हैंडपंप पानी नहीं दे रहा है। साथ कई हैंडपंप अलग-अलग कारणों से बंद है। 1561 वार्ड में नल-जल से पानी दिया जा रहा है। जिससे पानी के लिए हाहाकार जैसी स्थिति नहीं बनी है। बारिश नहीं होने पर क्या होगा कृषि वैज्ञानिक अब्दुल सत्तार ने बताया कि नदी-नालों में पानी नहीं रहने के कारण नमी में पनपने वाले कीट और जीवों के नष्ट हो जाने का खतरा है। इन जीवों के नष्ट होने से फसल पर शत्रु कीटों का खतरा बढ़ जाएगा। जलस्तर में गिरावट से हैंडपंप सूख जाएंगे। जलस्तर में कमी और बारिश नहीं होने से मिट्टी की उर्वरा शक्ति प्रभावित होगी। इससे इसका असर फसलों के पैदावार पर पड़ेगा। प्रखंडों में जल स्तर की स्थिति विभूतिपुर 24.10, बिथान 20.07, दलसिंहसराय 21.09, हसनपुर 18.04, कल्याणपुर 23.06, खानपुर 23.02, मोहनपुर 23.10, मोहिउद्ददीननगर 20.08, मोरवा 19.03, पटोरी 23.04, पूसा 26.04, रोसड़ा 19.06, समस्तीपुर मुख्यालय 25.11, सरायरंजन 26.06, शिवाजीनगर 18.00, सिंघिया 13.03, ताजपुर 23.01, उजियारपुर 25.04, विद्यापतिनगर 21.04, वारिसनगर 21.08 फीट तक नीचे चला गया है। समस्तीपुर जिले में अब तक बारिश जनवरी: 00 MM फरवरी: 00 MM मार्च: 49 MM अप्रैल: 00 MM कितनी बारिश होनी चाहिए थी जनवरी: 8 MM फरवरी: 13.7 MM मार्च : 06.2 MM अप्रैल: 25 MM सरायरंजन और पूसा में हालत खराब पीएचईडी विभाग के कार्यपालक अभियंता राजेश कुमार ने बताया कि पिछले दो सालों से अच्छी बारिश हुई थी। इसके कारण भूगर्भीय जल स्तर में गिरावट नहीं आई थी। इस साल अब तक काफी कम बारिश हुई है। जिले का औसतन जल स्तर 21-25 फीट तक नीचे चला गया है। सबसे गंभीर स्थिति सरायरंजन और पूसा इलाके की है। यहां पानी का जल स्तर 26 फीट नीचे चला गया है। बारिश होने पर स्थिति समान्य होगी।
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