Last Updated:
हर दौर में कुछ गाने ऐसे होते हैं जो सिर्फ संगीत नहीं, बल्कि महसूस करने का एक अनोखा तरीका बन जाते हैं. पहली लाइन सुनते ही मन में एक हल्की सी खुशी, एक मीठा सा नशा और दिल में धड़कन बढ़ जाती है. ऐसी ही एक धुन है जो 2007 में रिलीज हुई एक रोमांटिक कॉमेडी फिल्म के जरिए पूरे देश को अपनी गिरफ्त में ले ली. गाने की शुरुआत होते ही श्रेया घोषाल की मधुर आवाज दिल को छू जाती है.
नई दिल्ली. पहाड़ों की वादियों में फिल्माया गया एक गाना… जिसकी पहली ही लाइन सुनते ही दिल मुस्कुरा उठता है. खुली हवा में प्यार को महसूस करती लड़की और बैकग्राउंड में बजती आवाज सीधे दिल में उतर जाती है. 2000 के दशक में आए इस रोमांटिक ट्रैक ने सिर्फ म्यूजिक चार्ट्स पर राज नहीं किया, बल्कि युवाओं के दिलों में प्यार की नई परिभाषा भी लिख दी. खास बात यह है कि इस गाने की पहली लाइन ही पहाड़ी अंदाज में शुरू होती है, जिसने इसे बाकी बॉलीवुड रोमांटिक गानों से अलग बना दिया. रिलीज के बाद यह गाना इतना लोकप्रिय हुआ कि आज भी ट्रैवल, रोमांस और फील-गुड प्लेलिस्ट का अहम हिस्सा माना जाता है. यही नहीं, इस गाने ने फिल्म की सफलता में भी बड़ा योगदान दिया था. जानते हैं ये गाना कौन सा है?

पहाड़ों की हरियाली और दो दिलों के बीच उभरता आकर्षण… इस गाने में सब कुछ इतना खूबसूरती से पेश किया गया कि दर्शक स्क्रीन से आंखें हटा ही नहीं पाते. श्रेया घोषाल ने इस गाने को अपनी आवाज दी, जिसकी वजह से यह ट्रैक और भी खास बन गया. बात कर रहे हैं शाहिद कपूर और करीना कपूर खान की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘जब वी मेट’ के हिट गाने ‘ये इश्क हाय बैठे बैठाए, जन्नत दिखाए’.

गाने की शुरुआत ‘कैले बाजे मुरुली’ होती है. इसी नाम से एक कुमाऊंनी गीत भी है. जो काफी लोकप्रिय है. जिसका अर्थ है, ‘ किसने बांसुरी बजाई’. इस लाइन के बाद
‘हां है कोई तो वजह, जो जीने का मजा यूं आने लगा…’ से होती है और फिर ‘ये इश्क हाय…’ सुनते ही पूरा माहौल रोमांटिक हो जाता है. इस ट्रैक की सबसे बड़ी खूबी इसकी फ्रेश फीलिंग और पहाड़ी टच था. हिमाचल प्रदेश की खूबसूरत लोकेशंस पर फिल्माए गए इस गाने ने दर्शकों को ट्रैवल और रोमांस का परफेक्ट कॉम्बिनेशन दिया.
Add News18 as
Preferred Source on Google

इस फिल्म के निर्देशक इम्तियाज अली ने किया था.गाने के बोल इरशाद कामिल ने लिखे और प्रीतम का म्यूजिक इस गाने को क्लासिक बना गया. गाने की लिरिक्स इतनी सरल लेकिन गहरी हैं कि सुनने वाले हर उम्र के लोग खुद को उसमें महसूस करते हैं. आज भी जब यह गाना बजता है, तो हर कोई इसके बोल गुनगुनाने को मजबूर हो जाता है.

जब इम्तियाज अली की इस फिल्म को बनाने के लिए करीब 15 करोड़ रुपये का बजट रखा गया था. उस दौर में यह एक सामान्य बजट माना जाता था, लेकिन फिल्म के प्रोडक्शन वैल्यू और संगीत ने इसे विशेष बना दिया. फिल्म के निर्माण के दौरान कई उतार-चढ़ाव आए. कभी शूटिंग के दौरान मौसम ने साथ नहीं दिया तो कभी ट्रेन में हुए सीन्स को रियल ट्रेन पर ही शूट किया गया. लेकिन अंत में जो बना, वह सिनेमाई जादू था.

26 अक्टूबर 2007 को रिलीज हुई यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त सफलता हासिल करने में कामयाब रही. भारत में इसने करीब 31 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया, जबकि वर्ल्डवाइड कुल कलेक्शन 50.9 करोड़ रुपये के आसपास पहुंच गया. उस समय के हिसाब से यह एक बड़ा हिट साबित हुई और साल की टॉप कमाई करने वाली फिल्मों में शामिल रही.

फिल्म की सफलता का बड़ा श्रेय इसके म्यूजिक को भी जाता है. प्रीतम द्वारा कंपोज किया गया पूरा एल्बम हिट रहा. ‘मौजा ही मौजा’ ने पार्टी एनर्जी दी, ‘तुम से ही’ (मोहित चौहान) ने गहरी रोमांटिक वाइब्स पैदा कीं, जबकि ‘आओगे जब तुम’ (राशिद खान) ने उदासी और इंतजार का एहसास कराया. लेकिन इन सबके बीच ‘ये इश्क हाय’ अलग ही स्तर पर खड़ा रहा. यह गाना फिल्म की रिलीज के बाद चार्ट्स पर कई हफ्तों तक टॉप पर रहा और आज भी शादियों, रोमांटिक प्लेलिस्ट और रील्स में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले गानों में शामिल है.

श्रेया घोषाल की इस गाने पर परफॉर्मेंस को बेहद सराहा गया. उनकी आवाज में जो नरमी, मिठास और जज्बात थे, वह इस गाने को और भी यादगार बना गए. इस गाने के लिए श्रेया घोषाल को नेशनल फिल्म अवॉर्ड फॉर बेस्ट फीमेल प्लेबैक सिंगर से नवाजा गया. यह उनके करियर की अहम उपलब्धियों में से एक है. ‘ये इश्क हाय’ सिर्फ एक गाना नहीं, बल्कि उस एहसास का प्रतीक बन गया है जो पहली बार प्यार में पड़ने पर होता है. जैसे बिना वजह मुस्कुराना, छोटी-छोटी बातों में खुशी ढूंढना और जिंदगी को नई रंगत देना

