खैरथल-तिजा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वाधान में राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल दौगड़ा में शुक्रवार को एक विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। ‘ट्रांसफॉर्मेटिव फ्राइडे – नेविगेटिंग लाइफ लीगली’ अभियान के तहत हुए इस शिविर में लगभग 150 विद्यार्थियों ने भाग लिया और अपने अधिकारों तथा कानून की बारीकियों को समझा। यह कार्यक्रम राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार और जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा प्राधिकरण अध्यक्ष शैलेन्द्र व्यास एवं सचिव रनवीर सिंह के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। शिविर में सहायक विधिक सहायता रक्षा अधिवक्ता अर्पित शर्मा ने मुख्य वक्ता के रूप में विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने सरल उदाहरणों के माध्यम से छात्रों को साइबर सुरक्षा, बाल अधिकार और कानूनी सहायता प्राप्त करने के तरीकों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। ‘कोर्ट वाली दीदी’ नाम से एक शिकायत पेटिका स्थापित की इस दौरान साइबर सुरक्षा, ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव, ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे नए साइबर अपराधों की पहचान, सोशल मीडिया का सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग, बाल अधिकार एवं उनके संरक्षण के उपाय तथा पॉक्सो (POCSO) अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों पर विशेष जानकारी प्रदान की गई। स्कूल परिसर में ‘कोर्ट वाली दीदी’ नाम से एक शिकायत पेटिका भी स्थापित की गई। इसका उद्देश्य छात्र-छात्राओं को अपनी समस्याओं को गोपनीय रूप से साझा करने के लिए एक सुरक्षित मंच प्रदान करना है। इस पहल को बच्चों के लिए भरोसेमंद माहौल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। 12वीं तक के स्टूडेंट्स को किया जागरूक विद्यार्थियों को बताया गया कि किसी भी प्रकार की कानूनी सहायता या साइबर अपराध की शिकायत के लिए राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 15100 और 1930 पर संपर्क किया जा सकता है। शिविर का मुख्य उद्देश्य कक्षा 8 से 12 तक के विद्यार्थियों को उनके अधिकारों, कर्तव्यों और संवैधानिक मूल्यों के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने इसे अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायक बताया।
Source link

