पुलिस थाना अशोकनगर ने भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारियों के नाम और लेटरहेड का दुरुपयोग कर 30 करोड़ रुपये का फर्जी टेंडर सोशल मीडिया पर वायरल करने वाले आरोपी को महज 12 घंटे में गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से मोबाइल फोन और लैपटॉप भी जब्त किए हैं। डीसीपी साउथ राजर्षि राज ने बताया कि बुधवार को अजय कुमार विजयवर्गीय द्वारा थाने में शिकायत दी गई थी। शिकायत में बताया गया कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने भाजपा पदाधिकारियों के नाम, लेटरहेड और संगठनात्मक पहचान का दुरुपयोग करते हुए फर्जी दस्तावेज तैयार कर सोशल मीडिया पर प्रसारित किए हैं। अमित मालवीय और मदन राठौड़ के नाम का इस्तेमाल पुलिस के अनुसार वायरल दस्तावेजों में “NAMODOOT RAJASTHAN CAMPAIGN Election Outreach Ground Mobilisation Programme” नाम से कथित आरएफपी दस्तावेज तैयार किया गया था। इसमें भाजपा आईटी सेल नई दिल्ली और अमित मालवीय के नाम का उपयोग करते हुए 30 करोड़ रुपये के कथित टेंडर, ईएमडी और अन्य वित्तीय जानकारियां दर्शाई गई थीं। इसके अलावा एक अन्य पत्र में मदन राठौड़ के नाम और भाजपा लेटरहेड का इस्तेमाल किया गया था। फर्जी टेंडर प्रक्रिया में ईएमडी राशि जमा कराने के लिए एसबीआई खाते की जानकारी भी साझा की गई, जो भाजपा का अधिकृत खाता नहीं था। 12 घंटे में आरोपी तक पहुंची पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए ललित शर्मा और बालाराम के निर्देशन में थानाधिकारी मोतीलाल शर्मा के नेतृत्व में टीम गठित की गई। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी पुलकित गुप्ता निवासी महेशनगर जयपुर की पहचान कर उसे गिरफ्तार कर लिया। नौकरी पाने के लिए बनाया फर्जी टेंडर पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने सोशल मीडिया प्रचार-प्रसार से जुड़ी एक बड़ी कंपनी में नौकरी पाने के उद्देश्य से लैपटॉप, इंटरनेट और एआई तकनीक की मदद से भाजपा के नाम पर फर्जी और कूटरचित दस्तावेज तैयार किए। इसके बाद 30 करोड़ रुपये के मनगढ़ंत टेंडर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल कर दिया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से वारदात में प्रयुक्त मोबाइल फोन और लैपटॉप जब्त कर लिए हैं तथा मामले में गहन अनुसंधान जारी है।
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