पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में BJP की ऐतिहासिक जीत के बाद नॉर्वे के पूर्व मंत्री और राजनयिक एरिक सोल्हेम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खुलकर तारीफ करते हुए कहा कि क्या शानदार बदला लिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सोलहेम ने 2024 लोकसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि तब पश्चिमी मीडिया ने BJP के बहुमत से नीचे रहने को मोदी युग के अंत की शुरुआत बताया था। लेकिन उसके बाद पार्टी ने ओडिशा, हरियाणा, दिल्ली, महाराष्ट्र, बिहार, असम और अब पश्चिम बंगाल में जीत दर्ज की, क्या शानदार बदला है। उन्होंने ये भी कहा कि पश्चिम बंगाल जैसे 10 करोड़ की आबादी वाले राज्य में 90% से ज्यादा वोटिंग होना बताता है कि भारत में लोकतंत्र कितना मजबूत है। यूरोप और अमेरिका के कई चुनावों में इतनी भागीदारी देखने को नहीं मिलती। भारत का लोकतंत्र दुनिया के लिए मिसाल है और पश्चिमी देशों को इसे समझने की जरूरत है। तमिलनाडु चुनाव पर भी सोलहेम ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी TVK के प्रदर्शन को राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव बताया। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… जेपी मॉर्गन पर पूर्व बैंकर का गंभीर आरोप: यौन उत्पीड़न केस दबाने को 10 लाख डॉलर ऑफर किए, समझौता नहीं हुआ अमेरिकी बैंक जेपी मॉर्गन चेस पर उसके पूर्व कर्मचारी चिरायु राणा ने यौन उत्पीड़न, नस्लीय भेदभाव और कार्यस्थल पर प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। न्यूयॉर्क स्टेट सुप्रीम कोर्ट में दायर मुकदमे में दावा किया गया है कि बैंक ने केस कोर्ट पहुंचने से पहले 10 लाख डॉलर का सेटलमेंट ऑफर दिया था, लेकिन बातचीत सफल नहीं हो सकी। मुकदमे में जेपी मॉर्गन की वरिष्ठ अधिकारी लोर्ना हजदिनी पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने अपने वरिष्ठ पद का इस्तेमाल कर राणा पर यौन संबंध बनाने का दबाव बनाया। शिकायतकर्ता का कहना है कि विरोध करने पर करियर और प्रमोशन प्रभावित करने की धमकी दी गई। कोर्ट दस्तावेजों में यौन उत्पीड़न, नस्लीय टिप्पणी, धमकी और ड्रग देने जैसे आरोप भी शामिल हैं। राणा ने दावा किया कि मई 2025 में आंतरिक शिकायत दर्ज कराने के बाद उन्हें प्रशासनिक अवकाश पर भेजा गया और धमकी भरे कॉल आने लगे। हालांकि जेपी मॉर्गन ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। बैंक का कहना है कि आंतरिक जांच में कोई सबूत नहीं मिला। लोर्ना हजदिनी के वकीलों ने भी आरोपों को पूरी तरह झूठा और प्रतिष्ठा खराब करने वाला बताया है। मामले ने वाल स्ट्रीट में व्यापक चर्चा छेड़ दी है। मुकदमे में मानसिक पीड़ा, प्रतिष्ठा को नुकसान और आर्थिक हर्जाने की मांग की गई है। अब यह विवाद लंबी कानूनी लड़ाई की ओर बढ़ता दिख रहा है।
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