राजस्थान सरकार के सुशासन संकल्प के तहत कैबिनेट मंत्री राजस्व विभाग एवं स्थानीय विधायक हेमंत मीणा ने अपने ‘अंबामाता निवास’ पर जनसुनवाई की। इस दौरान उन्होंने आमजन की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश दिए। जनसेवा के मूल मंत्र के साथ आयोजित इस कार्यक्रम में क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्थानीय नागरिक अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। भाजपा जिला मीडिया प्रभारी गोपाल धाभाई ने बताया कि मंत्री मीणा ने प्रत्येक फरियादी की बात सुनी और उनके प्रार्थना पत्रों पर मौके पर ही कार्रवाई के निर्देश दिए। जनसुनवाई के दौरान आमजन ने राजस्व (जमीन-जायदाद), पेयजल संकट, सुचारू बिजली आपूर्ति, टूटी सड़कों की मरम्मत और मौसमी बीमारियों से बचाव जैसे स्थानीय प्रशासन से जुड़े गंभीर मुद्दे मंत्री के सामने रखे। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कैबिनेट मंत्री हेमंत मीणा ने मौके पर मौजूद विभिन्न विभागों के प्रशासनिक अधिकारियों को कार्यप्रणाली में सुधार लाने की सख्त हिदायत दी। उन्होंने समस्याओं के निराकरण में ढिलाई बरतने पर असंतोष व्यक्त किया। मंत्री ने अधिकारियों को तीन मुख्य दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी शिकायतों का एक निश्चित समय-सीमा के अंदर धरातल पर स्थाई समाधान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, जनता के कार्यों में पूरी पारदर्शिता बरती जाए ताकि किसी को बार-बार दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। उन्होंने ये भी कहा कि अधिकारी केवल दफ्तरों तक सीमित न रहें, बल्कि फील्ड में जाकर जनता की समस्याओं को समझें और उन्हें राहत दें। इस अवसर पर राजस्व मंत्री हेमंत मीणा ने मीडिया और आमजन से कहा कि प्रदेश की वर्तमान सरकार सुशासन और त्वरित निराकरण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार का ध्येय यह सुनिश्चित करना है कि समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को भी बिना किसी भेदभाव और परेशानी के न्याय मिले और वो सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ उठा सके।
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