दिल्ली सरकार ने जम्मू-कश्मीर से विस्थापित होकर राजधानी में रह रहे प्रवासी परिवारों के कल्याण और पुनर्वास के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। सोमवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में जम्मू-कश्मीर प्रवासी परिवारों को दी जाने वाली ‘एड-हॉक मंथली रिलीफ’ (AMR) योजना से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों और ‘वन टाइम एमनेस्टी योजना’ को मंजूरी दी गई। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस ऐतिहासिक निर्णय के तहत सरकार ने प्रवासियों को राहत देने के लिए आय और अचल संपत्ति संबंधी पुरानी शर्तों को पूरी तरह समाप्त कर दिया है। अब परिवार की आय कितनी भी हो या उनके पास कोई संपत्ति हो, उन्हें इस योजना से वंचित नहीं किया जाएगा। इस फैसले से दिल्ली सरकार के पास पंजीकृत लगभग 1,832 प्रवासी परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा। यह राहत प्रति परिवार अधिकतम चार सदस्यों तक सीमित रहेगी और केवल उन परिवारों पर लागू होगी जिन्होंने 31 मार्च 2024 तक राहत प्राप्त की है। गलती से मिली अतिरिक्त राशि की नहीं होगी रिकवरी
सीएम रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया कि ‘वन टाइम एमनेस्टी योजना’ का मुख्य उद्देश्य सरकारी रिकॉर्ड को दुरुस्त करना है। इसके तहत परिवारों को अपने मौजूदा सदस्यों की सही जानकारी और विवरण अपडेट करने का एक और मौका मिलेगा। इस प्रक्रिया के दौरान यदि किसी तकनीकी गड़बड़ी या अनजाने में किसी लाभार्थी को पहले अधिक राहत राशि मिल गई थी, तो सरकार वह पैसा उनसे वापस (रिकवरी) नहीं लेगी। प्रमुख बदलाव: बढ़ेगी समय सीमा, DBT से सीधे खाते में आएगा पैसा नियम और सत्यापन की प्रक्रिया रहेगी जारी
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