झालावाड़ में मंगलवार को केंद्रीय सहकारी बैंक मुख्यालय स्थित सहकार भवन में ‘सहकारिता में सरकार’ विषय पर एक जिला स्तरीय कार्यशाला एवं समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसकी अध्यक्षता केंद्रीय सहकारी बैंक के प्रबंध निदेशक ओमप्रकाश जैन ने की। कार्यशाला में सहकारी संस्थाओं को मजबूत करने, किसानों को बैंकिंग सेवाओं से जोड़ने और केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने पर विस्तृत चर्चा हुई। अभियान के तहत सहकारी समितियों और उनके सदस्यों के खाते केंद्रीय सहकारी बैंक में खोलने पर जोर दिया गया। इसके अतिरिक्त डेयरी और अन्य प्राथमिक सहकारी समितियों को बैंक मित्र नियुक्त कर माइक्रो एटीएम उपलब्ध कराने और दुग्ध उत्पादक किसानों को रूपे किसान क्रेडिट कार्ड वितरित करने जैसे महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। जिले की 19 प्राथमिक डेयरी समितियों और 48 पैक्स समितियों को रियायती दरों पर माइक्रो एटीएम वितरित किए गए हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं की पहुंच आसान होगी। प्रबंध निदेशक ओमप्रकाश जैन ने बताया कि बैंक कार्यक्षेत्र में संचालित सभी 294 सक्रिय दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों के खाते केंद्रीय सहकारी बैंक में हैं, जिनमें 128.63 लाख रुपए से अधिक की राशि जमा है। मत्स्य पालन विभाग की समितियों के खातों को भी नियमित रूप से बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। रूपे किसान क्रेडिट कार्ड वितरण अभियान के तहत बैंक ने बड़े पैमाने पर कार्रवाई शुरू कर दी है। बैंक कार्यक्षेत्र के लिए लगभग 5000 रूपे किसान क्रेडिट कार्ड के आवेदन प्राप्त हुए हैं। कार्ड मिलने पर डेयरी समितियों से जुड़े पात्र खाताधारकों को इनका वितरण किया जाएगा। इस दौरान 10 एटीएम कार्ड भी वितरित किए गए। कार्यशाला में नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक ने भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय के राष्ट्रव्यापी अभियान ‘सहकारिता में सरकार’ की जानकारी दी। उन्होंने सभी सहकारी संस्थाओं और हितधारकों को अपने-अपने क्षेत्र में ब्लॉक स्तर पर ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। कार्यशाला के अंत में सहकारिता क्षेत्र को और अधिक सशक्त एवं जनहितैषी बनाने के लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने तथा अभियान को जमीनी स्तर तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया। दो दिवसीय “टाइगर प्रदर्शनी” का आयोजन 5 से जिला प्रशासन झालावाड़ की ओर से संचालित “वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान ” के तहत विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर 5 एवं 6 जून को विजया राजे सिंधिया राजकीय खेल संकुल, झालावाड़ में दो दिवसीय “टाइगर प्रदर्शनी” का आयोजन किया जाएगा। प्रदर्शनी का शुभारंभ 5 जून को सवेरे 9 बजे होगा। जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ ने बताया कि प्रदर्शनी का उद्देश्य आमजन, विशेषकर युवाओं एवं स्टूडेंट्स में वन्यजीव संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति जागरूकता विकसित करना है। बाघों के जीवन चक्र, व्यवहार, संरक्षण प्रयासों, वन पारिस्थितिकी तंत्र में उनकी भूमिका तथा वन्यजीवों के संरक्षण से जुड़े प्रेरक संदेशों को आकर्षक चित्रों, फोटोग्राफ्स एवं जानकारीपूर्ण सामग्री के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा। आयोजन भविष्य में टाइगर सफारी एवं ईको-टूरिज्म जैसी अवधारणाओं के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने में भी सहायक सिद्ध होंगे। प्रदर्शनी के माध्यम से आमजन को वन्यजीव संरक्षण और पर्यटन विकास के बीच के संबंध से अवगत कराया जाएगा, जिससे प्राकृतिक धरों के संरक्षण के साथ-साथ क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहन मिल सके। यह आयोजन प्रकृति, वन्यजीव एवं पर्यावरण के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करते हुए आने वाली पीढ़ियों में संरक्षण की भावना को सुदृढ़ करेगा। जिला प्रशासन द्वारा आमजन से प्रदर्शनी में अधिकाधिक संख्या में पहुंचकर पर्यावरण एवं वन्यजीव संरक्षण के प्रति अपनी सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील की गई है। अभियान के तहत आयोजित यह प्रदर्शनी पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनभागीदारी को बढ़ावा देने के साथ-साथ प्रकृति और वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने, पर्यटन संभावनाओं को रेखांकित करने और वन्यजीव संरक्षण के प्रति व्यापक जनजागरूकता उत्पन्न करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
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