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India-US Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चल रही ट्रेड डील अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच गई है. भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने कहा है कि दोनों देशों के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील 99 फीसदी तक पूरी हो चुकी है और अब सिर्फ 1 फीसदी काम बाकी है. गोर गुरुवार को केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात करेंगे.
पीयूष गोयल से मुलाकात से पहले सर्जियो गोर का बड़ा बयान (फोटो- एएफपी)
India-US Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील को लेकर एक बहुत बड़ी खुशखबरी सामने आई है. भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर (Sergio Gor) ने एलान किया है कि दोनों देशों के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील 99% पूरी हो चुकी है. अब दोनों पक्ष आखिरी 1% टेक्निकल और लीगल अड़चनों को दूर करने में जुटे हैं. इस डील को अंतिम रूप देने के लिए अमेरिकी राजदूत गुरुवार (4 जून) को भारत के वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात करने वाले हैं.
मुंबई में ‘सिटी इंडिया इन्वेस्टर कॉन्फ्रेंस’ में सर्जियो गोर ने साफ किया कि जो 1% मामला बचा है, वह कोई बड़ा विवाद या मतभेद नहीं है. अब चर्चा इस बात पर हो रही है कि समझौते की शर्तें कब से लागू होंगी, उनका कानूनी ढांचा क्या होगा और दस्तावेजों की भाषा कैसी होगी. दोनों देश अब डील के ‘फाइन प्रिंट’ को अंतिम रूप देने में जुटे हैं. उन्होंने बताया कि यह समझौता बेहद जटिल है क्योंकि इसमें हजारों प्रोडक्ट्स और कई सेक्टरों को शामिल किया गया है. ऐसे में अंतिम चरण में टेक्निकल पॉइंट्स पर सावधानीपूर्वक काम किया जा रहा है.
पीयूष गोयल से होगी अहम मुलाकात
गोर ने बताया कि वह गुरुवार को केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात करेंगे. उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले कुछ हफ्तों में यह समझौता हो सकता है. गोर ने साफ कहा कि अब यह मामला सालों तक नहीं खिंचेगा.
भारत को मिला बेहतर टैरिफ फायदा
राजदूत ने यह भी संकेत दिया कि अंतरिम व्यवस्था के तहत भारत को अपने पड़ोसी देशों की तुलना में अधिक अनुकूल टैरिफ दरें मिली हैं. उन्होंने भारतीय वार्ताकारों की तारीफ करते हुए कहा कि भारत के पास बेहद मजबूत और कुशल बातचीत करने वाली टीम है, जिसने अपने हितों की मजबूती से रक्षा की है.
टेक्नोलॉजी और निवेश में भी बढ़ रहा सहयोग
गोर ने कहा कि ट्रेड डील के अलावा दोनों देशों के बीच तकनीक, सप्लाई चेन और क्रिटिकल मिनरल्स के क्षेत्र में भी सहयोग तेजी से बढ़ रहा है. उन्होंने हाल ही में घोषित अमेरिका-भारत क्रिटिकल मिनरल्स फ्रेमवर्क को बड़ी उपलब्धि बताया. साथ ही उन्होंने कहा कि भारत को अमेरिका समर्थित ‘पैक्स सिलिका’ पहल में शामिल किए जाने से एआई, सेमीकंडक्टर और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी उभरती तकनीकों में साझेदारी मजबूत होगी.
अमेरिकी कंपनियां कर रही हैं बड़े निवेश
गोर के अनुसार, अमेजन 2030 तक भारत में 35 अरब डॉलर का निवेश करने की योजना बना रही है. माइक्रोसॉफ्ट 17.5 अरब डॉलर के निवेश का ऐलान कर चुकी है, जबकि गूगल ने हाल ही में भारत में 15 अरब डॉलर के एआई हब की योजना पेश की है. उन्होंने बताया कि पिछले दो दशकों में भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार करीब 20 अरब डॉलर से बढ़कर 220 अरब डॉलर तक पहुंच गया है, जो दोनों देशों के मजबूत होते आर्थिक रिश्तों को दर्शाता है.
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वर्तमान में विनय कुमार झा नेटवर्क18 की वेबसाइट hindi.news18.com में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वह मई 2017 से इस वेबसाइट के साथ जुड़े हैं. वह बीते 5 सालों से वर्तमान में वेबसाइट के बिजनेस सेक्शन के …और पढ़ें

