6 मिनट पहले
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नाइजर के सहारा रेगिस्तान में प्यास से कम से कम 49 लोगों की मौत हो गई। बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक जिस ट्रक में वे यात्रा कर रहे थे, वह रास्ते में खराब हो गया था। यात्रियों ने कई दिनों तक इसे ठीक करने की कोशिश की, लेकिन वे इसमें कामयाब नहीं हो पाए।
यह ट्रक माली के हारौबा शहर से रवाना हुआ था, जो नाइजर सीमा से 300 किलोमीटर से अधिक दूर है। वे एक मुस्लिम धार्मिक उत्सव में शामिल होने के बाद लौट रहे थे। यात्रा के दौरान उनका ट्रक खराब हो गया।
वे रेगिस्तान के ऐसी जगह फंस गए थे जहां बेहद ज्यादा तापमान होता है। वहां पानी और बाकी जरूरी सामान मिलना बहुत मुश्किल होता है। ऐसी जगह फंस जाने के कारण उनके पास मौजूद पानी खत्म हो गया।
इस हादसे में केवल दो लोग बच पाए। उन्होंने किसी तरह रेगिस्तान पार कर नजदीकी शहर असामाका तक पहुंचने में सफलता हासिल की और वहां अधिकारियों को घटना की जानकारी दी। जब बचाव दल मौके पर पहुंचा तो ट्रक के नीचे और उसके आसपास दर्जनों शव पड़े मिले।
बचाव टीम ने मृतकों के शवों को सामूहिक कब्र में दफना दिया। घटनास्थल से लौटते समय बचाव दल को एक और खराब ट्रक मिला। इस ट्रक में 60 से अधिक लोग सवार थे, जो बैटरी खराब होने के कारण पिछले तीन दिनों से रेगिस्तान में फंसे हुए थे।
बचाव टीम ने थके हुए और परेशान यात्रियों को पानी दिया। साथ ही उन्होंने ट्रक की मरम्मत में मदद की, जिसके बाद वे वापस लौट पाए।
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PoK के गिलगित-बाल्टिस्तान में चुनाव पर भारत नाराज, कहा- पाकिस्तान अवैध कब्जे को वैध नहीं बना सकता

भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान में 7 जून को होने वाले विधानसभा चुनावों का कड़ा विरोध किया है। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को जारी बयान में कहा कि पाकिस्तान जिस क्षेत्र पर अवैध और जबरन कब्जा किए हुए है, वहां चुनाव कराने की उसकी योजना पूरी तरह अस्वीकार्य है।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि पूरा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख, जिसमें गिलगित-बाल्टिस्तान भी शामिल है, भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है। इसलिए पाकिस्तान को उन क्षेत्रों में किसी भी तरह की राजनीतिक प्रक्रिया चलाने का कोई अधिकार नहीं है।
भारत ने यह भी कहा कि चुनाव कराने जैसी गतिविधियां जमीनी हकीकत को नहीं बदल सकतीं। मंत्रालय के अनुसार, पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्रों में लोगों को लंबे समय से मानवाधिकार उल्लंघन, राजनीतिक दमन, आर्थिक शोषण और बुनियादी स्वतंत्रताओं की कमी का सामना करना पड़ रहा है।
गिलगित-बाल्टिस्तान में रविवार 7 जून को विधानसभा चुनाव होने हैं। यहां 10 जिलों की 24 सामान्य सीटों पर मतदान कराया जाएगा। चुनाव प्रचार अपने अंतिम चरण में है और विभिन्न राजनीतिक दल जोर-शोर से प्रचार अभियान चला रहे हैं।
गिलगित-बाल्टिस्तान पाकिस्तान के प्रशासनिक नियंत्रण में है, लेकिन भारत इसे अपने केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख का हिस्सा मानता है। इसी वजह से वहां होने वाले हर चुनाव या राजनीतिक कदम पर भारत आमतौर पर आपत्ति दर्ज कराता है। इस बार भी भारत ने साफ कहा है कि पाकिस्तान के ऐसे कदम उसके अवैध कब्जे को वैधता नहीं दे सकते।
बांग्लादेश के आरोपों पर भारत का जवाब, कहा- बिना प्रक्रिया पूरी किए किसी को सीमा पार नहीं भेज रहे

भारत ने बांग्लादेश के उस दावे को लेकर प्रतिक्रिया दी है, जिसमें कहा गया था कि पिछले 24 घंटों के दौरान भारत ने कई लोगों को जबरन बांग्लादेश में भेजने की कोशिश की, जिसे बांग्लादेशी अधिकारियों ने विफल कर दिया। बांग्लादेश ने गुरुवार को यह दावा किया था।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को कहा कि भारत में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों से निपटने के लिए स्पष्ट कानूनी प्रावधान मौजूद हैं। भारत बांग्लादेश समेत सभी विदेशी नागरिकों को बिना प्रक्रिया पूरी किए सीमा पार नहीं भेज रहा है।
जायसवाल ने बताया कि भारत में जो विदेशी नागरिक अवैध रूप से रह रहे हैं, उनके खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाती है। अगर किसी व्यक्ति को बांग्लादेशी नागरिक माना जाता है, तो भारत पहले उसका मामला बांग्लादेश सरकार के पास भेजता है। बांग्लादेश को यह पुष्टि करनी होती है कि वह व्यक्ति वास्तव में उसका नागरिक है या नहीं।
जब बांग्लादेश उस व्यक्ति की नागरिकता की पुष्टि कर देता है, तभी उसे आधिकारिक तौर पर वापस भेजने (निर्वासित करने) की प्रक्रिया शुरू होती है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे कई मामले अभी बांग्लादेशी अधिकारियों के पास लंबित हैं और भारत को उनके जवाब का इंतजार है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने उम्मीद जताई कि इन मामलों का जल्द निपटारा होगा, जिससे भारत में अवैध रूप से रह रहे लोगों के निर्वासन की प्रक्रिया सुचारु और प्रभावी ढंग से आगे बढ़ सकेगी।
एयरपोर्ट पर खड़ा विमान अचानक झुका, अगला हिस्सा जमीन पर गिरा; कई कर्मचारी घायल

फ्रैंकफर्ट एयरपोर्ट पर गेट के पास खड़ा एक यात्री विमान अचानक आगे की तरफ झुक गया। विमान का अगला पहिया टूटने से उसका सामने वाला हिस्सा सीधे जमीन पर जा गिरा। हादसे में कई कर्मचारी घायल हो गए।
यह घटना तब हुई, जब जर्मन एयरलाइंस लुफ्थांसा के बोइंग 787-9 ड्रीमलाइनर विमान उड़ान की तैयारी में था। उस समय यात्री विमान में सवार नहीं हुए थे, लेकिन क्रू मेंबर और ग्राउंड स्टाफ अंदर मौजूद थे।
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में विमान का अगला हिस्सा तेजी से नीचे गिरता दिखा। घटना के तुरंत बाद एयरपोर्ट पर इमरजेंसी टीमें पहुंचीं। लुफ्थांसा ने बताया कि घायलों का इलाज चल रहा है। यह विमान फ्रैंकफर्ट से लॉस एंजिलिस जाने वाला था।
जिस विमान के साथ हादसा हुआ, वह नया बोइंग 787-9 ड्रीमलाइनर था और जनवरी 2026 से ही नियमित सेवा में शामिल हुआ था। फिलहाल हादसे की जांच शुरू कर दी गई है।
नेपाल के विदेश मंत्री आज दिल्ली पहुंचेंगे, बालेन शाह सरकार बनने के बाद पहली बड़ी भारत यात्रा

नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल आज दोपहर भारत पहुंचे। यह यात्रा विदेश मंत्री एस. जयशंकर के निमंत्रण पर हो रही है। वे शनिवार शाम को जयशंकर के साथ औपचारिक बैठक करेंगे और रविवार दोपहर नेपाल लौट जाएंगे।
नेपाल में प्रधानमंत्री बालेन शाह की सरकार के मार्च में सत्ता में आने के बाद यह भारत के साथ सबसे उच्च स्तरीय सरकारी संपर्क माना जा रहा है। इसलिए इस यात्रा पर दोनों देशों की खास नजर है।
यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब नेपाल की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के अध्यक्ष रबी लामिछाने भी भारत में हैं। उन्होंने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। ऐसे में नेपाल से लगातार हो रहे उच्च स्तरीय संपर्कों को दोनों देशों के रिश्तों में नई सक्रियता के तौर पर देखा जा रहा है।
ट्रम्प बोले- PM मोदी मेरे अच्छे दोस्त, भारत के साथ जल्द ट्रेड डील होगा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि अमेरिका और भारत के बीच जल्द ही एक बड़ा व्यापार समझौता हो सकता है। व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मेरे बहुत अच्छे दोस्त हैं। हमारे संबंध अच्छे हैं और हम एक-दूसरे को अच्छी तरह समझते हैं।
हालांकि, ट्रम्प ने यह भी कहा कि भारत ने कई सालों तक अमेरिका का फायदा उठाया। उन्होंने कहा- भारत अमेरिका पर बहुत ज्यादा टैरिफ लगाता था, जबकि अमेरिका को उससे ज्यादा फायदा नहीं मिलता था।
ट्रम्प ने दावा किया कि अब स्थिति बदल गई है और अमेरिका भारत के साथ व्यापार से अच्छा पैसा कमा रहा है। उन्होंने कहा- हमें एक समझौते तक पहुंचना है क्योंकि मैं PM मोदी को बहुत पसंद करता हूं।
ट्रम्प के बयान के बीच अमेरिका ने भारत सहित 54 देशों पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने की घोषणा की है। अमेरिकी प्रशासन का दावा है कि इन देशों में जबरन मजदूरी से बने उत्पादों के आयात पर पर्याप्त रोक नहीं है। पूरी खबर पढ़ें…
भारतीय मूल की महिला को 23 साल लंबी कानूनी लड़ाई के बाद ₹85 करोड़ मिले

ब्रिटेन में रहने वाली भारतीय मूल की वर्षा गोहिल ने 23 साल लंबी कानूनी लड़ाई के बाद 7.5 लाख पाउंड (लगभग 85 करोड़ रुपए) जीते हैं। मामला तलाक केस का है। कोर्ट ने वर्षा को उनके पूर्व पति भद्रेश गोहिल की संपत्ति में हिस्सेदारी देने का आदेश दिया है।
रिपोर्ट के अनुसार, वर्षा ने 2002 में पति से तलाक के लिए अर्जी दी थी। उस समय कपल के बीच एग्रीमेंट हुआ, जिसके तहत वर्षा को लगभग 270,000 पाउंड (लगभग 3.5 करोड़ रुपये) और परिवार की प्यूजो कार मिली।
वर्षा को शक था कि पति ने अपनी सारी संपत्ति का खुलासा नहीं किया है। सच तब सामने आया जब नाइजीरिया के पूर्व गवर्नर जेम्स इबोरी के सहयोगियों से जुड़े एक मनी लॉन्ड्रिंग मामले में भद्रेश गोहिल मुख्य आरोपी बन गए।
अधिकारियों ने उन पर ऑफशोर स्ट्रक्चर और ग्राहक खातों से लाखों पाउंड ट्रांसफर करने में मदद करने का आरोप लगाया। लंबी जांच के बाद, उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग, जालसाजी और धोखाधड़ी की साजिश का दोषी पाया गया। 2011 में, उन्हें 10 साल जेल की सजा सुनाई गई।
जांच के दौरान भद्रेश की करोड़ों रुपए की संपत्तियां का खुलासा हुआ, जिनकी जानकारी तलाक के समय नहीं दी गई थी। इसके बाद वर्षा ने पुराने तलाक एग्रीमेंट को चुनौती दी। मामला ब्रिटेन की सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा।
2015 में सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया कि अगर कोई पति या पत्नी अपनी संपत्ति छिपाता है, तो उसे इसका फायदा नहीं मिल सकता। इसके बाद मामला हाई कोर्ट पहुंचा। हाई कोर्ट ने माना कि संपत्ति का एक हिस्सा वैध कारोबार से कमाया गया था और वह वैवाहिक संपत्ति का हिस्सा है।
कोर्ट ने वर्षा गोहिल को 85 करोड़ रुपए देने का आदेश दिया। जज ने भद्रेश गोहिल को बेईमान बताते हुए उनकी दलीलों को खारिज कर दिया। हाल ही में कोर्ट ऑफ अपील ने आगे इस केस में किसी अपील पर रोक लगा दी, जिससे 23 साल पुराना यह विवाद आखिरकार खत्म हो गया।


