श्मशान की रात… खोपड़ी, मुर्दा और काले कपड़ों के बीच चल रही है- ‘सिद्ध साधना’। दावा ऐसा कि पैसों की बारिश होने लगे, गड़ा धन बाहर निकल आए, दुश्मन खत्म हो जाएं और खोया प्यार वापस लौट आए। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे ऐसे वीडियो लोगों को डर, लालच और चमत्कार के जाल में फंसा रहे हैं। दैनिक भास्कर की पड़ताल में सामने आया कि ‘अघोर गुरुदीक्षा’, ‘श्मशान साधना’ और ‘तंत्र सिद्धि’ के नाम पर बाकायदा कोर्स चलाए जा रहे हैं। हजारों रुपए की फीस लेकर लोगों को पैसों की बारिश, गड़ा धन निकालने, खोया प्यार वापस लाने और प्रेत बाधा दूर करने जैसी ‘सिद्धियां’ सिखाने का दावा किया जा रहा है। इन सिद्धियों की आड़ में अंधविश्वास के जरिए ठगी का कारोबार चल रहा है। कैसे चल रहा ये ठगी का धंधा, आज संडे बिग स्टोरी में इसी पर बात… पड़ताल के दौरान हमें सोशल मीडिया पर उज्जैन के एक तांत्रिक का वीडियो मिला, जिसमें काले कपड़े पहने कुछ लोग अघोरी वेशभूषा में यज्ञ और साधना करते दिखाई दे रहे थे। वीडियो में दावा किया गया था कि यह पैसों की बारिश कराने वाली विशेष तंत्र साधना है। आगे जांच करने पर उसी अकाउंट में एक और वीडियो मिला, जिसमें साधना कर रहे एक व्यक्ति के सामने नोटों की बारिश होती दिखाई गई थी। एक अन्य वीडियो में एक महिला दावा कर रही थी कि साधना से वास्तव में पैसों की बारिश होती है और यह साधना तांत्रिक दूसरों को भी सिखाते हैं। इसके लिए फीस देकर रजिस्ट्रेशन कराना पड़ता है। भास्कर रिपोर्टर ने उस तांत्रिक से संपर्क किया, जो खुद को अघोरी बताता है और उज्जैन में ‘इंटरनेशनल कापालिक एंड अघोर अखाड़ा’ नाम से संस्था चलाने का दावा करता है। बातचीत में उसने ‘पैसों की बारिश’ और ‘गड़ा धन’ जैसी साधनाएं सिखाने का दावा किया। रिपोर्टर और तांत्रिक की बातचीत के मुख्य अंश- क्या आप मुझे यह सारी विद्या सिखा सकते हैं?
तांत्रिक: साधना सिखाते हैं हम। क्या पैसों की बारिश वाली साधना भी होती है?
तांत्रिक: होती है। उसमें क्या करना पड़ता है? कितना समय लगता है? तांत्रिक: पहले दीक्षा लेनी पड़ती है। 31 दिन की दीक्षा होती है। उसमें गुरुमंत्र मिलता है। उसके बाद गड़ा धन वाली साधना भी हो सकती है? तांत्रिक: हां, लेकिन पहले गुरुमंत्र साधना, गणेश साधना और कुलदेव साधना पूरी करनी जरूरी है। उसके बाद जो करना हो कर सकते हो। यह पैसों की बारिश वाली सिद्धि सच में होती है क्या? तांत्रिक: मेहनत करनी पड़ती है। जो वीडियो डाला है, वह असली है। जिसको सिखाया था, उसे सिद्धि पाने में 11 महीने लगे थे। रात में साधना करनी पड़ती है? मैं थोड़ा डरता हूं। तांत्रिक: कुछ साधनाएं रात की होती हैं, कुछ सुबह की। श्मशान जाना जरूरी नहीं है। घर में बैठकर भी कर सकते हो। तांत्रिक का दावा पैसों की बारिश के वीडियो असली तांत्रिक ने दावा किया कि उसने सोशल मीडिया पर जो पैसों की बारिश वाला वीडियो डाला है वे असली है और एक साधक को यह सिद्धि पाने में 11 महीने लगे थे। जब भास्कर ने इस वीडियो की पड़ताल की तो वह छत्तीसगढ़ का निकला। वहां संबंधित तांत्रिक को पुलिस ठगी और धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार कर चुकी है। इसके बाद तांत्रिक ने अघोरी बनने और पैसों की बारिश कराने की साधना का पूरा पैकेज भेज दिया। उज्जैन स्थित ‘गुरुकुल अमोघ अघोरा’ नामक केंद्र की ओर से गुरुदीक्षा पैकेज ऑफर किया गया। भेजे गए संदेश में किसी प्रोफेशनल कोर्स की तरह पैकेज और ऑफर बताए गए तथा सिर्फ चार घंटे में विभिन्न साधनाएं सिखाने का दावा किया गया। मिलने के बाद भी 10 हजार रुपए मांगे जब रिपोर्टर ने दीक्षा लेने की इच्छा जताई तो 21 मई की तारीख बताई गई। साथ ही ऑफर के तहत 10 हजार रुपए की छूट देने की बात कही गई। इसके लिए आधार कार्ड की कॉपी और एडवांस राशि भेजने को कहा गया। दावा किया गया कि रजिस्ट्रेशन के बाद वॉट्सएप पर लोकेशन, आवश्यक सामग्री और पूरी प्रक्रिया भेज दी जाएगी। जिस दिन दीक्षा देने का दावा किया गया, उस दिन तक लोकेशन गोपनीय रखी गई। बाद में रिपोर्टर से पैसों की बारिश वाली साधना सिखाने के लिए 50 हजार रुपए की मांग की गई। यह राशि किसी दान या दक्षिणा के रूप में नहीं, बल्कि शुल्क के तौर पर मांगी गई थी। यहां तक कि सामान्य मुलाकात के नाम पर भी 10 हजार रुपए मांगे गए। ‘महादेव धाम’ का तंत्र साधना पैकेज यह जानने के लिए कि क्या ऐसा सिर्फ एक जगह हो रहा है, भास्कर ने आगे पड़ताल की। इसमें दो अन्य तांत्रिकों ने भी कथित साधनाओं की सूची और उनके रेट भेज दिए। यूपी के मथुरा के ‘महादेव धाम’ से जुड़े तांत्रिक दीपक ने तो ऑनलाइन ही गड़ा हुआ धन देखने की शिक्षा देने का दावा किया। उसने सोशल मीडिया पर कई वीडियो पोस्ट कर रखे थे, जिनमें गड़ा धन और सोना निकलवाने के दावे किए गए थे। वीडियो में तंत्र-मंत्र करते हुए और जमीन से सोना निकालते हुए दृश्य दिखाए गए थे। तांत्रिक ने दावा किया कि वह कई बार मध्य प्रदेश आकर भी गड़ा धन निकलवा चुका है। महीने में तीन दिन सीखने के लिए बुलाया मैसेज में यह भी कहा गया कि ‘तंत्र-मंत्र सीखने’ के लिए हर महीने की 10, 20 और 30 तारीख को बताए गए पते पर पहुंचना होगा। इसी तरह ‘हरेश तंत्र’ नाम से प्रचार करने वाले एक तांत्रिक ने मुर्दे को जगाने का दावा किया। इस साधना समेत कई रहस्यमयी तांत्रिक क्रियाओं का पूरा पैकेज 1200 रुपए में वॉट्सएप ग्रुप के जरिए उपलब्ध कराने का दावा किया। डर, लालच और अंधविश्वास का फायदा पूरी जांच में एक बात साफ दिखाई दी कि यह नेटवर्क सबसे पहले व्यक्ति की कमजोरी पहचानता है। कोई आर्थिक परेशानी में है, कोई बीमारी से डरा हुआ है और कोई जल्दी अमीर बनने की चाह रखता है। इसके बाद ‘गुरुमंत्र’, ‘दीक्षा’, ‘सिद्धि’ और ‘ऊपरी बाधा’ जैसी बातों के जरिए उसे मानसिक रूप से प्रभावित किया जाता है। इन दावों का कोई वैज्ञानिक या प्रमाणित आधार नहीं है। इसके बावजूद सोशल मीडिया पर धन, सोना-चांदी दिलाने वाले वीडियो, धार्मिक प्रतीकों और रहस्यमयी भाषा के जरिए लोगों का भरोसा जीतकर यह कारोबार तेजी से फैल रहा है। ऐसे तांत्रिकों के जाल में फंसकर कई लोग अपनी मेहनत की कमाई गंवा रहे हैं। ज्योतिष या तंत्र विद्या से इन गतिविधियों का संबंध नहीं ज्योतिषाचार्य पंडित जयदीप दुबे का कहना है कि असली ज्योतिष और तंत्र विद्या का इस तरह की गतिविधियों से कोई संबंध नहीं है। उनके मुताबिक, ‘आजकल कई लोग तंत्र-मंत्र और ज्योतिष के नाम पर ढोंग कर रहे हैं। वे लोगों के डर और लालच का फायदा उठाते हैं। यह पूरी तरह ठगी और मानसिक शोषण का तरीका है।’ वे कहते हैं कि ऐसे मामलों में लोग वैज्ञानिक सोच छोड़कर चमत्कारों पर भरोसा करने लगते हैं और यहीं से ठगों को मौका मिल जाता है।
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पैसों की बारिश, मुर्दा साधना, तंत्र-मंत्र से ठगी का मायाजाल: 31 हजार में अघोरी बनाने का कोर्स, 4 घंटे में तंत्र साधना सिखाने का दावा – Madhya Pradesh News
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