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Maheri Recipe: अब बारी आती है महेरी की जान यानी इसके तड़के की. इसके लिए एक छोटे पैन में एक बड़ा चम्मच सरसों का तेल या देसी घी लेकर गर्म करें. तेल गर्म होते ही उसमें एक छोटा चम्मच जीरा, एक चुटकी हींग, दो सूखी लाल मिर्च और बारीक कटा हुआ लहसुन डालकर अच्छे से चटकाएं.
सतना. क्या आप भी हर रोज वही दाल-चावल खाकर बोर हो चुके हैं या फिर कुछ ऐसा ढूंढ रहे हैं, जो स्वाद में तो लाजवाब हो ही, साथ ही पेट को भी बिल्कुल शांत और तंदुरुस्त रखे. आज हम आपको सीधे लिए चलते हैं बघेलखंड के गांवों की उन रसोइयों में, जहां की एक पारंपरिक डिश आजकल हर किसी की जुबान पर चढ़ी हुई है. मट्ठा और चावल के जादुई कॉम्बिनेशन से बनने वाली महेरी स्वाद और सेहत का ऐसा देसी खजाना है, जिसे आप हर मौसम में बड़े चाव से खा सकते हैं. सबसे अच्छी बात यह है कि इसे बनाने में सिर्फ पांच मिनट का समय लगता है और इसमें ज्यादा झंझट भी नहीं होता.
इस बेहतरीन पारंपरिक व्यंजन को अलग-अलग इलाकों में कई नामों से जाना जाता है. कोई इसे मट्ठा-भात कहता है, तो कहीं इसे मटखोर के नाम से पहचाना जाता है. मूल रूप से इसे पके हुए चावल और छाछ को मिलाकर तैयार किया जाता है. ग्रामीण इलाकों में तो आज भी इसके बिना खाने की थाली अधूरी मानी जाती है. इसमें लगने वाला हरी मिर्च, जीरा और लहसुन का तड़का इसके स्वाद को दोगुना कर देता है. वहीं यह शरीर को अंदर से पूरी तरह तृप्त रखती है और पाचन तंत्र को एकदम दुरुस्त बनाए रखती है.
महेरी बनाने का बघेलखंडी तरीका
लोकल 18 से बातचीत के दौरान स्थानीय निवासी मीना द्विवेदी ने महेरी की सीक्रेट रेसिपी शेयर करते हुए बताया कि इसे बनाना बेहद आसान है और इसके लिए आपको किसी तामझाम की जरूरत नहीं पड़ती, तो चलिए बिना देर किए नोट करें बघेलखंडी स्टाइल में महेरी बनाने की यह बेहद आसान रेसिपी.
चावल को हल्का मैश कर लें
सबसे पहले एक कप छोटे वाले चावल यानी आसानी से गलने वाले चावल को लेकर अच्छी तरह धो लें. अब इसे तीन कप पानी और स्वादानुसार नमक के साथ कुकर या पतीले में तब तक पकाएं, जब तक कि यह खिचड़ी की तरह बिल्कुल नरम न हो जाए और फिर पकने के बाद चावल को हल्का सा मैश कर लें. अब एक अलग बर्तन में ढाई से तीन कप खट्टा मट्ठा लें. इसमें आधा चम्मच हल्दी पाउडर और थोड़ा सा नमक डालकर अच्छी तरह फेंट लें. अब इस फेंटे हुए मट्ठे को पके हुए गर्म चावल में धीरे-धीरे डालें. ध्यान रहे कि इस दौरान आपको चम्मच लगातार चलाना है ताकि मट्ठा फटे नहीं और चावल के साथ अच्छी तरह मिक्स हो जाए.
सोंधी खुशबू से महकेगा घर
अब बारी आती है महेरी की जान यानी इसके कड़क तड़के की. इसके लिए एक छोटे पैन में एक बड़ा चम्मच सरसों का तेल या देसी घी गर्म करें. तेल गर्म होते ही उसमें एक चुटकी हींग, एक छोटा चम्मच जीरा, दो सूखी लाल मिर्च और बारीक कटा हुआ लहसुन डालकर अच्छे से चटकाएं. जैसे ही लहसुन सुनहरा होने लगे, तो इस कड़कते तड़के को तुरंत महेरी के ऊपर पलट दें और बर्तन को दो मिनट के लिए ढक दें. ऐसा करने से तड़के की सोंधी खुशबू पूरी महेरी में समा जाएगी.
अब आपकी गरमागरम पौष्टिक बघेलखंडी महेरी बिल्कुल तैयार है. इसे प्लेट में निकालें और ऊपर से हरी मिर्च और कटी हुई प्याज के साथ परोसें. यकीन मानिए इस सादे और हल्के भोजन का स्वाद आपको किसी फाइव स्टार होटल के खाने में भी नहीं मिलेगा.
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राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.

