बारां में डीएनटी और वंचित वर्गों ने 10% आरक्षण की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। राष्ट्रीय पशु पालक संघ, डीएनटी संघर्ष समिति और मूल ओबीसी महापंचायत के संयुक्त तत्वावधान में यह प्रदर्शन आयोजित किया गया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारी राज्य सरकार से डीएनटी समाज सहित वंचित वर्गों के लिए 10% आरक्षण की मांग कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो 1 जुलाई को जयपुर में महापड़ाव किया जाएगा। डीएनटी संघर्ष समिति के अध्यक्ष लालजी राईका ने बताया कि आंदोलन का मुख्य उद्देश्य डीएनटी समाज की 11 सूत्री मांगों को लागू करवाना है। इन मांगों में डीएनटी समाज को अलग से 10% आरक्षण, राजनीतिक भागीदारी, आवासीय पट्टे, भूमि अधिकार और शिक्षा सुविधाओं का विस्तार शामिल है। उन्होंने मुख्यमंत्री स्तर पर वार्ता कर मांगों के समाधान के लिए स्पष्ट रोडमैप और वार्ता की तिथि तत्काल घोषित करने की मांग की। समिति के सह-अध्यक्ष रतन नाथ कालबेलिया ने बताया कि समाज पिछले दो वर्षों से लगातार आंदोलन कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के साथ पूर्व में हुई वार्ताओं के बावजूद मांगों पर कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है। कालबेलिया ने आंदोलनकारियों पर दर्ज मुकदमों को लेकर भी नाराजगी व्यक्त की। सह-अध्यक्ष कालूराम योगी ने कहा कि अब इस आंदोलन में वंचित ओबीसी, एससी और एसटी वर्ग भी शामिल हो चुके हैं। उन्होंने आरक्षण के उपवर्गीकरण और सभी वर्गों को न्यायोचित प्रतिनिधित्व देने की मांग उठाई। संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को प्रदेशव्यापी स्वरूप दिया जाएगा और 1 जुलाई को जयपुर में बड़ा महापड़ाव आयोजित किया जाएगा।
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