इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रमुख सचिव गृह उप्र लखनऊ से व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल कर बताने को कहा है कि एक समान अपराध की कई एफआईआर दर्ज होने पर सभी को एकीकृत करने के बारे में क्या कदम उठाए हैं। याचिका की अगली सुनवाई 20 जून को होगी।
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यह आदेश न्यायमूर्ति जे जे मुनीर तथा न्यायमूर्ति नलिन कुमार श्रीवास्तव की खंडपीठ ने विशाल खुराना व एक अन्य की याचिका पर दिया है।
याची का कहना है कि एक समान अपराध को लेकर याची के खिलाफ कई एफआईआर दर्ज है। जिन्हें एकीकृत किया जाय।कोर्ट ने डी जी पी से जानकारी मांगी थी कि ऐसे मामले एकीकृत क्यों नहीं किए जा रहे। सरकारी वकील ने डी जी पी द्वारा जारी सर्कुलर की गाइडलाइंस पेश की। जिसमें एक अपराध में कई एफआईआर का जिक्र किया गया है किन्तु एकीकृत करने का उल्लेख नहीं है। जिस पर प्रमुख सचिव गृह से हलफनामा दाखिल कर जानकारी मांगी है।

