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अगर आप पिछले कुछ सालों में सड़क के रास्ते कहीं घूमने या काम से बाहर निकले हैं, तो आपने महसूस किया होगा कि अब सफर का समय कम हो गया है. सरकार की तरफ से रविवार को जारी एक नई फैक्टशीट के मुताबिक, पिछले 12 सालों में देश के नेशनल हाईवे नेटवर्क में रिकॉर्डतोड़ 61% की बढ़ोतरी हुई है.
12 साल में नेशनल हाईवे नेटवर्क में 61% का तगड़ा उछाल
नई दिल्ली. कल तक जिस सफर में हड्डियां ढीली हो जाती थीं, आज वहां गाड़ियां हवा से बातें कर रही हैं. कभी एक दिन में महज 11 किलोमीटर हाईवे बनाने वाला भारत आज रोजाना 34 किलोमीटर चमचमाती सड़कें बिछाकर दुनिया को चौंका रहा है. पिछले 12 सालों में देश ने रिकॉर्ड तोड़ 55,000 किलोमीटर से ज्यादा का ऐसा हाइटेक रोड नेटवर्क तैयार कर लिया है, जिसने शहरों की दूरियों को घंटों से समेटकर मिनटों में ला दिया है. आखिर कैसे मुमकिन हुआ सड़कों का यह जादुई कायाकल्प. आइए देश के इस नए रोड मैप के बारे में जानते हैं.
सरकार की तरफ से रविवार को जारी एक नई फैक्टशीट के मुताबिक, साल 2014 में जहां देश में कुल 91,287 किलोमीटर हाईवे थे, वहीं अब (वित्त वर्ष 2025-26 तक) यह नेटवर्क बढ़कर 1,46,572 किलोमीटर का हो चुका है यानी इन 12 सालों में देश में 55,285 किलोमीटर नए हाईवे जोड़ दिए गए हैं. इस तरह पिछले 12 सालों में देश के नेशनल हाईवे नेटवर्क में रिकॉर्डतोड़ 61% की बढ़ोतरी हुई है.
दिन-दुगुनी, रात-चौगुनी रफ्तार
साल 2013-14 में देश में हर दिन औसतन सिर्फ 11.6 किलोमीटर सड़कें बनती थीं. लेकिन अब यह रफ्तार तीन गुना बढ़कर लगभग 34 किलोमीटर प्रति दिन पहुंच चुकी है. इस बदलाव के पीछे सरकार की ‘भारतमाला प्रोजेक्ट’ है, जिसके तहत मार्च 2026 तक 22,590 किलोमीटर से ज्यादा सड़कों का काम पूरा किया जा चुका है.
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे बना सबसे बड़ा प्रोजेक्ट
करीब 1 लाख करोड़ रुपये की लागत से बन रहा 1,386 किलोमीटर लंबा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे भारत का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे बनने जा रहा है. यह दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, एमपी, गुजरात और महाराष्ट्र को जोड़ता है. इसी महीने 5 जून 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात में इसके दो नए हिस्सों (किम-एना और गांडेवा-एना) का भी उद्घाटन किया है.
इन 4 बड़े एक्सप्रेसवे ने बदल दी सफर की दुनिया
- दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर: इसी साल 14 अप्रैल 2026 को शुरू हुए इस 213 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर ने दिल्ली से देहरादून का सफर 6 घंटे से घटाकर सिर्फ 2.5 घंटे कर दिया है.
- बेंगलुरु-मैसूरु एक्सप्रेसवे: 118 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे ने दोनों शहरों के बीच का सफर 3 घंटे से घटाकर सिर्फ 75 मिनट कर दिया है.
- द्वारका एक्सप्रेसवे: 9,000 करोड़ रुपये की लागत से बने इस 29 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे ने दिल्ली और गुरुग्राम के ट्रैफिक को एकदम मक्खन बना दिया है.
- दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे: 82 किलोमीटर लंबे इस रूट ने नेशनल कैपिटल रीजन (NCR) में सफर को बेहद तेज और सुरक्षित कर दिया है.
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वर्तमान में विनय कुमार झा नेटवर्क18 की वेबसाइट hindi.news18.com में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वह मई 2017 से इस वेबसाइट के साथ जुड़े हैं. वह बीते 5 सालों से वर्तमान में वेबसाइट के बिजनेस सेक्शन के …और पढ़ें

