जबलपुर में एक मां और उसकी बेटी क्षेत्र के बदमाशों से इस कदर परेशान हो गईं कि उन्हें कलेक्टर के सामने घुटनों के बल बैठकर मदद की गुहार लगानी पड़ी। मामला घमापुर थाना क्षेत्र के शीतलामाई इलाके का है, जहां रहने वाली पूजा दुबे और उनकी बेटी ने मंगलवार को कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के सामने हाथ जोड़कर आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। पीड़ित परिवार का आरोप है कि कई शिकायतों के बावजूद घमापुर पुलिस ने आरोपियों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की, जिससे उनके हौसले लगातार बढ़ते गए। पीड़िता पूजा दुबे का कहना है कि उनका परिवार पिछले चार साल से क्षेत्र के रहने वाले हनी बेन और उसके परिवार की प्रताड़ना झेल रहा है। पूजा के मुताबिक फरवरी 2022 में हनी बेन ने खुद को मिश्रा बताकर उनकी 14 वर्षीय नाबालिग बेटी से दोस्ती की और फिर उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। पुलिस के चक्कर लगाए नहीं मिली मदद बेटी के लापता होने के बाद परिवार ने पुलिस के कई चक्कर लगाए, लेकिन शुरुआत में कोई मदद नहीं मिली। बाद में जानकारी मिली कि बेटी को गढ़ाकोटा (सागर) ले जाया गया है। इसके बाद एसपी से शिकायत की गई, तब पुलिस सक्रिय हुई और दो दिन बाद नाबालिग को बरामद कर परिवार को सौंपा गया। उस समय आरोपी के खिलाफ कार्रवाई हुई और उसका जुलूस भी निकाला गया, लेकिन उसी दिन उसे कोर्ट से जमानत मिल गई। परिवार का आरोप है कि इसके बाद से आरोपी और उसका परिवार लगातार उन्हें परेशान कर रहा है। पूजा दुबे ने बताया कि मार्च 2026 में होली के दौरान उनकी बड़ी बेटी रिश्तेदारों के साथ घर के बाहर रंग खेल रही थी। उसी दौरान हनी बेन वहां पहुंचा और जबरन रंग लगाने लगा। विरोध करने पर विवाद बढ़ गया और आरोपी पक्ष ने मारपीट शुरू कर दी। मामले की शिकायत पुलिस तक पहुंची, लेकिन दोनों पक्षों को समझाइश देकर मामला शांत करा दिया गया। पीड़िता ने बताया कि 14 जून को उनका 10 वर्षीय बेटा मोहल्ले में क्रिकेट खेल रहा था। इसी दौरान खेलते समय गलती से बल्ला हनी बेन के रिश्तेदार अविनाश बेन की बड़ी मां को लग गया। इस बात पर आरोपी पक्ष भड़क गया और परिवार के लोगों ने मिलकर पूजा के पति रामचरण दुबे पर लोहे की रॉड और बैट से हमला कर दिया। इस दौरान उनकी दिव्यांग बेटी के साथ भी मारपीट की गई। घायल रामचरण दुबे को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज हुआ। आरोपियों के हौसले और बढ़ गए परिवार का आरोप है कि घटना के बाद आरोपियों के हौसले और बढ़ गए तथा उन्होंने रास्ते में रोककर छेड़छाड़ और अभद्रता करना शुरू कर दिया। पीड़िता ने बताया कि उनकी बेटी एसपी की पाठशाला में पढ़ती है और आगे चलकर पुलिस फोर्स जॉइन करना चाहती है, लेकिन मोहल्ले का माहौल इतना खराब हो चुका है कि अब अकेले घर से निकलने में भी डर लगता है। लगातार तनाव और विवादों के कारण उसकी पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। पूजा दुबे का आरोप है कि आरोपियों के खिलाफ दर्ज शिकायतें वापस लेने के लिए उन पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि मामले में राजनीतिक दबाव भी बनाया जा रहा है। परिवार का कहना है कि यदि घमापुर पुलिस शुरुआत में ही सख्त कार्रवाई करती तो आरोपियों के हौसले इतने बुलंद नहीं होते। कलेक्टर ने कार्रवाई का दिलाया भरोसा मंगलवार को जब कलेक्टर राघवेंद्र सिंह जिला पंचायत सीईओ अभिषेक गहलोत के साथ बैठक के लिए निकल रहे थे, तभी मां-बेटी उनके पास पहुंचीं और रोते हुए पूरी आपबीती सुनाई। इस दौरान बेटी कलेक्टर के सामने घुटनों के बल बैठ गई और सुरक्षा की गुहार लगाई। कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए घमापुर थाना प्रभारी को आरोपियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए और परिवार को उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
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जबलपुर में बदमाशों से परेशान मां-बेटी: कलेक्टर के पैरों में गिरकर मांगी मदद, बोली-परिवार परेशान है-पढ़ाई प्रभावित – Jabalpur News
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