राजधानी लखनऊ में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती मनाई गई। गोमती नगर फेस-2 के विभव खंड स्थित शौर्य साप्ताहिक मिलन शाखा ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सहयोग से इस कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। इस अवसर पर महाराणा प्रताप के शौर्य, त्याग और राष्ट्रप्रेम को याद किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) के रेडियोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. अनित परिहार थे। बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग के प्रो. डॉ. सुशील पाण्डेय ने मुख्य वक्ता के रूप में महाराणा प्रताप के जीवन और संघर्षों पर विस्तार से बताया। महाराणा प्रताप के गौरवशाली इतिहास की जानकारी दी प्रो. पाण्डेय ने अपने संबोधन में कहा कि महाराणा प्रताप केवल एक वीर योद्धा नहीं, बल्कि स्वाभिमान, त्याग और मातृभूमि के प्रति समर्पण के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि हर सनातनी परिवार को महाराणा प्रताप के गौरवशाली इतिहास की जानकारी होनी चाहिए, ताकि नई पीढ़ी उनके आदर्शों से प्रेरणा ले सके। उन्होंने महाराणा प्रताप के संघर्षपूर्ण जीवन को वर्तमान समय में भी प्रासंगिक बताते हुए युवाओं से उनके आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया। मुख्य संदेश महाराणा प्रताप के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाना कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर संघ चालक जगवीर सिंह ने की। उन्होंने बताया कि ऐसे आयोजन समाज को अपनी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत से जोड़ते हैं। ये युवाओं में राष्ट्रभाव और सामाजिक चेतना के विकास में भी सहायक होते हैं। इस अवसर पर अखिल विश्व गायत्री परिवार, गोमती नगर शक्तिपीठ के सहयोग से एक दीप यज्ञ का आयोजन किया गया। इसमें उपस्थित लोगों ने राष्ट्र की उन्नति, सामाजिक समरसता और जनकल्याण की कामना की। कार्यक्रम का संयोजन रामबदन दूबे ने किया और मंच संचालन अशोक सिन्हा ने किया। डॉ. राजेश कुमार सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। इस कार्यक्रम में सामाजिक, शैक्षणिक और धार्मिक क्षेत्रों से जुड़े कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। आयोजन का मुख्य संदेश महाराणा प्रताप के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाना और राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करना था।
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लखनऊ में महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती मनाई: शौर्य, त्याग और राष्ट्रप्रेम के आदर्शों को किया गया याद – Lucknow News
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