Tuesday, July 7, 2026
Homeराज्यमध्यप्रदेशडॉक्टर तीन जगह से लेता रहा वेतन: खरगोन में केवल साइन...

डॉक्टर तीन जगह से लेता रहा वेतन: खरगोन में केवल साइन करने आता था, 3 दिन की ड्यूटी, शहडोल में रिश्वत लेते पकड़े जाने पर खुला राज – Khargone News




शहडोल में रिश्वत लेते पकड़े गए संविदा चिकित्सक डॉ. महेशचंद्र शर्मा के मामले में जांच के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया कि वह एक साथ शहडोल, खरगोन और श्योपुर में संविदा चिकित्सक के पद पर कार्यरत थे। तीनों जगह से उन्हें 65-65 हजार रुपये मासिक वेतन मिल रहा था। मामले की विस्तृत जांच जारी है। 3 जुलाई को डॉ. महेशचंद्र शर्मा को ट्रांसफर आदेश निरस्त कराने के बदले 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद जांच में उनकी नियुक्तियों और मौजूदगी से जुड़ी अनियमितताएं सामने आईं। भोपाल से मिले निर्देशों के बाद पूरे मामले की जांच की जा रही है। खरगोन में हाजिरी लग रही लेकिन ड्यूटी नहीं की जांच में पता चला कि डॉ. शर्मा खरगोन के सेगांव आदिवासी ब्लॉक के केली स्वास्थ्य केंद्र में सप्ताह में तीन दिन ड्यूटी के लिए नियुक्त थे। वहीं बाकी दिनों में वह श्योपुर और शहडोल में अपनी मौजूदगी दर्ज कराते थे। खरगोन के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. डीएस चौहान ने सेगांव के बीएमओ और डीपीएम से रिपोर्ट मांगी है। शुरुआती जांच में सामने आया कि डॉ. शर्मा खरगोन में सप्ताह के तीन दिन भी नियमित ड्यूटी नहीं कर रहे थे। वह केवल रजिस्टर में हाजिरी लगाकर वेतन ले रहे थे। इसी कारण उनका मई महीने का वेतन रोक दिया गया था। तीन जिलों में मिली थी नियुक्ति जानकारी के अनुसार, डॉ. महेश शर्मा ने वर्ष 2021 में श्योपुर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सहसराम में नौकरी शुरू की थी। इसके बाद 14 फरवरी 2023 को उन्होंने खरगोन के केली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में संविदा चिकित्सक के रूप में काम शुरू किया। फिर 9 फरवरी 2026 को उन्होंने शहडोल जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ऊफरी में भी तीसरी नौकरी शुरू कर दी। गैरहाजिर होने पर नोटिस भी मिला था सूत्रों के अनुसार, डॉ. शर्मा कई बार केवल रजिस्टर में हाजिरी लगाकर वेतन लेते थे। खरगोन में लगातार अनुपस्थित रहने के कारण उन्हें मई में दो नोटिस जारी किए गए थे। 8 जून 2026 को एक प्रसूता की मौत के मामले में भी उन्हें शोकॉज नोटिस दिया गया था। सीएमएचओ डॉ. डीएस चौहान ने बताया कि अब तक की जांच में सामने आया है कि डॉ. शर्मा यहां सप्ताह में तीन दिन भी काम नहीं करते थे और अक्सर छुट्टी पर रहते थे। इसी वजह से उनका मई का वेतन रोका गया है। पूरे मामले की रिपोर्ट स्वास्थ्य मिशन भोपाल को भेजी जाएगी।



Source link

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments