जहानाबाद में चैती पीपर गोलीकांड के विरोध में शनिवार को भाकपा (माले) ने प्रतिवाद मार्च निकाला। पार्टी ने घटना की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। यह मार्च पार्टी कार्यालय से शुरू होकर स्टेशन और ऊंटा होते हुए अरवल मोड़ पहुंचा, जहां एक सभा आयोजित की गई। मार्च का नेतृत्व अरवल के पूर्व विधायक महानंद सिंह ने किया। इसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ता, ग्रामीण और पीड़ित परिवार शामिल हुए। सभा को संबोधित करते हुए महानंद सिंह ने आरोप लगाया कि 4 जुलाई को चैती पीपर में हुई घटना आपसी विवाद का परिणाम नहीं, बल्कि कथित बालू माफिया द्वारा किया गया सुनियोजित हमला था। उन्होंने कहा कि महादलित और दलित परिवारों को निशाना बनाया गया और निर्दोष लोगों को झूठे मामलों में फंसाया जा रहा है। उन्होंने सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। सिंह ने बताया कि मगध क्षेत्र के आईजी विकास वैभव से भी निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि अवैध बालू कारोबार से जुड़े गिरोह के कारण ग्रामीण भय के माहौल में जी रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पीड़ितों को न्याय नहीं मिला तो पार्टी आंदोलन को और तेज करेगी। इससे पहले, भाकपा (माले) की एक जांच टीम ने भी चैती पीपर गांव का दौरा किया और ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं से बातचीत की। घायल सुधीर राम की बहन कंचन ने दावा किया कि शौचालय निर्माण के लिए बालू लेने का विरोध करने पर कथित हमलावरों ने फायरिंग की, जिसमें कई लोग घायल हुए। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि महिलाओं ने साहस दिखाते हुए एक आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले किया था।
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