शामली के कुड़ाना गांव में शनिवार को एक बंदर का बच्चा वॉलीबॉल के बाउंड्री जाल में फंस गया। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के मैदान में हुई इस घटना में बच्चा दोपहर से शाम तक जाल से बाहर नहीं निकल पाया। बच्चे के फंसने के बाद बड़ी संख्या में बंदरों का झुंड मौके पर इकट्ठा हो गया और उसे बचाने का प्रयास करने लगा। बच्चे की सुरक्षा को लेकर बंदरों का झुंड आक्रामक हो गया। उन्होंने वहां से गुजरने वाले लोगों पर हमला करना शुरू कर दिया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। इस कारण काफी देर तक कोई भी व्यक्ति फंसे हुए बच्चे के पास जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाया। बाद में, ग्रामीणों ने साहस दिखाते हुए लगभग आधे घंटे तक बचाव अभियान चलाया। इस दौरान भी बंदरों का झुंड लगातार ग्रामीणों का पीछा करता रहा और उन्हें काटने का प्रयास किया। हालांकि, ग्रामीणों ने सावधानीपूर्वक वॉलीबॉल के जाल को काटकर बंदर के बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। जैसे ही बच्चा जाल से आजाद हुआ, वह तुरंत दौड़कर अपनी मां के पास चला गया। इसके बाद बंदरों का पूरा झुंड शांत होकर जंगल की ओर लौट गया। ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में बंदरों का आतंक बना रहता है, जिससे स्थानीय लोग अक्सर परेशान रहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि समय रहते बच्चे को नहीं बचाया जाता, तो रातभर जाल में फंसे रहने से उसकी जान जा सकती थी। ग्रामीणों ने इस जोखिम भरे कार्य में इंसानियत का परिचय देते हुए बच्चे की जान बचाई। इस बचाव अभियान में अजीत सिंह, लव कुश, मुन्नू, कुलबीर और रक्की सहित कई ग्रामीण मौजूद थे।
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वॉलीबॉल बाउंड्री जाल में फंसा बंदर का बच्चा: ग्रामीणों ने बचाया, आक्रामक झुंड के बीच आधे घंटे तक मशक्कत की – Shamli News
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