Saturday, July 18, 2026
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भिंड में नायब तहसीलदार समेत 7 पर होगी FIR: फर्जी जन्म प्रमाण पत्र के मामले सुनवाई, सीजेएम कोर्ट ने दिए आदेश – Bhind News




भिंड में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र तैयार कर एक आरोपी को कानूनी कार्रवाई से बचाने के गंभीर मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) निधि नीलेश श्रीवास्तव ने तत्कालीन नायब तहसीलदार, सचिव, पटवारी और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता समेत सात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने थाना सिटी कोतवाली भिंड को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 336(2), 336(3), 340(1) और 340(2) के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। फर्जी जन्म प्रमाण पत्र तैयार किया था
यह आदेश गौरव शर्मा द्वारा दायर एक अपंजीकृत परिवाद पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) 2023 की धारा 75(3) के तहत सुनवाई करते हुए दिया गया। परिवाद में आरोप लगाया गया था कि आरोपियों ने आपसी मिलीभगत से विमल यादव का फर्जी जन्म प्रमाण पत्र तैयार कराया, ताकि उसे एक अन्य मामले में कानूनी कार्रवाई से बचाया जा सके। कोर्ट ने जिन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं, उनमें तत्कालीन नायब तहसीलदार मोहनलाल शर्मा, विमल यादव पुत्र निहाल यादव निवासी यादवन का पुरा, आशुतोष सिंह यादव पुत्र यजवेंद्र सिंह यादव निवासी ग्राम रेंजा, तहसील उमरी, सचिव शेरसिंह यादव पुत्र रामवीर यादव, पटवारी संजीव शर्मा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रजनी जादौन निवासी यादवन का पुरा बिलाव और राजकुमार दुबे निवासी ग्राम बिलाव शामिल हैं। हेरफेर कर गलत जानकारी दर्ज की
परिवाद के अनुसार, जन्म तिथि से जुड़े रिकॉर्ड में हेरफेर कर गलत जानकारी दर्ज की गई और उसके आधार पर जन्म प्रमाण पत्र जारी कराया गया। शिकायतकर्ता ने इसे सुनियोजित षड्यंत्र बताते हुए राजस्व और पंचायत विभाग के कर्मचारियों की भूमिका पर सवाल उठाए थे। कोर्ट ने उपलब्ध दस्तावेजों और प्रस्तुत तथ्यों का परीक्षण करने के बाद माना कि प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध बनता है। इसलिए मामले की पुलिस जांच जरूरी है। कोर्ट ने थाना प्रभारी सिटी कोतवाली को आदेश का तत्काल पालन करते हुए सभी आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और इसकी जानकारी कोर्ट में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। इस आदेश के बाद राजस्व और पंचायत विभाग में हड़कंप की स्थिति बताई जा रही है। अब पुलिस एफआईआर दर्ज कर दस्तावेजों की जांच, संबंधित रिकॉर्ड का सत्यापन और आरोपियों की भूमिका की पड़ताल करेगी। इस मामले में एसआई देवीदीन अनुरागी ने बताया कि कोर्ट के आदेश के बाद वरिष्ठ अधिकारियों से मार्गदर्शन लिया गया है।



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