पश्चिमी राजस्थान के थार मरुस्थल में पेयजल संकट दूर करने के लिए बड़ी सफलता मिली है। नाचना तहसील के घांटियाली में इंदिरा गांधी नहर के आरडी-1356 पर 242 करोड़ रुपए की लागत से 28 किलोमीटर घेरे वाला विशाल कृत्रिम जलाशय तैयार किया गया है। जल जीवन मिशन के तहत बने इस प्रोजेक्ट से मानसून के दौरान पंजाब से आने वाला अतिरिक्त जल संचित किया जाएगा, जो पहले सीमा पार बहकर बेकार हो जाता था। लगभग 33 फीट (10 मीटर) गहरे इस जलाशय की क्षमता 1413 मिलियन क्यूबिक फीट (MCFT) है। इससे जैसलमेर, बाड़मेर और आसपास के इलाकों की करीब 50 लाख आबादी को सालभर पीने का शुद्ध पानी आसानी से उपलब्ध हो सकेगा। तीन साल में ये बनकर तैयार हुआ है और बताया जा रहा है कि बहुत जल्द प्रदेश के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा इसका उद्घाटन करेंगे। 76 लाख वर्ग मीटर में बिछाई स्पेशल प्लास्टिक शीट रेगिस्तान की रेतीली जमीन में पानी के रिसाव को रोकने के लिए इंजीनियरिंग का अनोखा तरीका अपनाया गया है। लगभग 76 लाख स्क्वायर मीटर क्षेत्र में 300 माइक्रोन की स्पेशल एचडीपीई (HDPE) प्लास्टिक शीट बिछाई गई है। इस शीट को सुरक्षित रखने के लिए इसके ऊपर ढाई फीट मोटी मिट्टी की परत डाली गई है, जिससे पानी जमीन में नहीं रिसेगा। मोहनगढ़ फिल्टर प्लांट से होगी पानी की सप्लाई मानसून में नहर के अतिरिक्त पानी को 1 किलोमीटर लंबे एस्केप चैनल और दो बड़े गेटों के जरिए इसमें स्टोर किया जाएगा। यहां से पानी को पाइपलाइन के माध्यम से मोहनगढ़ फिल्टर प्लांट भेजा जाएगा, जहां से साफ होकर पानी सीधे जैसलमेर और बाड़मेर जिले के गांवों व कस्बों तक पहुंचेगा। नहरबंदी के समय मिलेगा 365 दिन बैकअप हर साल इंदिरा गांधी नहर की मरम्मत या सफाई (नहरबंदी) के दौरान पश्चिमी राजस्थान में पानी का संकट गहरा जाता था। यह नया जलाशय ‘वाटर बैंक’ की तरह काम करेगा, जिससे नहरबंदी के दिनों में भी जल आपूर्ति ठप नहीं होगी और लोगों को 365 दिन बिना रुकावट पानी मिलता रहेगा। साल 2023 में शुरू हुआ था निर्माण कार्य साल 2023 में शुरू हुई इस महत्वाकांक्षी परियोजना को 400 मजदूरों और 10 इंजीनियरों की टीम ने मिलकर पूरा किया है। 1356 एस्केप रिजर्वायर का काम पूरा होने के बाद अब मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जल्द ही इसका औपचारिक उद्घाटन कर इसे जनता को समर्पित करेंगे।
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