बूंदी के नैनवां-आंवा मार्ग पर शुक्रवार की शाम का नजारा आम दिनों से बिल्कुल अलग था। बादलों की आवाजाही के बीच सिर पर राजस्थानी साफा, हाथ में लाठी और एक छतरी थामे पूर्व कृषि मंत्री प्रभु लाल सैनी सड़क किनारे भेड़ों और बकरियों को हांकते नजर आए। सियासत की चकचौंध से दूर, वे कुछ देर के लिए पूरी तरह एक ठेठ ग्रामीण चरवाहे के रंग में रंगे दिखाई दिए। शोक व्यक्त कर लौट रहे थे, रास्ते में थामी लाठी पूर्व मंत्री प्रभु लाल सैनी नैनवां में प्रमोद जैन की माताजी के निधन पर शोक व्यक्त करने पहुंचे थे। श्रद्धांजलि देने के बाद जब वे आंवा रोड से वापस लौट रहे थे, तो सड़क किनारे भेड़-बकरी पालकों को देखकर उन्होंने अचानक अपनी गाड़ी रुकवा दी। बिना किसी झिझक के वे सीधे चरवाहों के बीच पहुंचे, उनके हाथ से लाठी ली और बकरियां हांकना शुरू कर दिया। चौपाल जैसा माहौल: फसल, बीमा और सम्मान निधि का हिसाब सैनी ने न केवल बकरियां चराईं, बल्कि जमीनी हकीकत जानने के लिए पशुपालकों के साथ संवाद भी किया। बारिश के सीजन में पशुओं में फैलने वाली बीमारियों पर चिंता जताते हुए उन्होंने चरवाहों को भेड़-बकरियों का समय पर टीकाकरण कराने की सलाह दी। साथ ही उन्होंने किसानों से पूछा कि क्या उन्हें फसल बीमा और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ समय पर मिल रहा है? किसानों ने सम्मान निधि मिलने की पुष्टि की, लेकिन साथ ही यह दर्द भी साझा किया कि इस बार बारिश की कमी के कारण फसलें कमजोर रह गई हैं। “साहब को टीवी में देखा था, आज साथ बकरियां चराकर दिल खुश हो गया”पूर्व मंत्री को अपने बीच पाकर पशुपालक गदगद हो गए। बकरी पालक शिवराज धाकड़ ने कहा, “हमने साहब को हमेशा टीवी और अखबारों में देखा था। आज उन्हें अपने साथ बकरियां चराते देखकर दिल खुश हो गया।” वहीं उनके साथी शिवराज गुर्जर ने सैनी के कार्यकाल को याद करते हुए कहा, “सैनी साहब के मंत्री रहते पशुपालकों के लिए जो योजनाएं बनी थीं, उनसे हमें बहुत फायदा हुआ था। वे योजनाएं आज भी याद आती हैं।” जर्जर सड़कों पर तल्ख तेवर, अफसरों को लगाई फटकार पशुपालकों से आत्मीय मुलाकात के बाद पूर्व मंत्री का प्रशासनिक रुख भी देखने को मिला। नैनवां में कार्यकर्ताओं से चर्चा के दौरान उन्होंने इलाके की खस्ताहाल सड़कों को लेकर लोक निर्माण विभाग (PWD) और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि मानसून के दौरान बदहाल सड़कों से जनता परेशान हो रही है, इसलिए मरम्मत का काम तुरंत शुरू किया जाए।
इसके बाद सैनी ने नैनवां-कोरमा रोड का औचक निरीक्षण भी किया। मौके पर सड़क निर्माण की गुणवत्ता और कछुआ चाल काम को देखकर उन्होंने अधिकारियों को दो टूक हिदायत दी कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता से कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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