आज गुरुवार की सुबह 7 बजे गिफ्ट निफ्टी करीब 24,430 के स्तर पर कारोबार कर रहा है. इससे संकेत मिल रहे हैं कि भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत आज फ्लैट हो सकती है. हालांकि, बाजार की दिशा केवल गिफ्ट निफ्टी से तय नहीं होगी. आज निवेशकों की नजर एशियाई बाजारों, अमेरिकी बाजार, महंगाई के आंकड़ों, कच्चे तेल की कीमत और कुछ बड़ी कंपनियों में होने वाले बदलाव पर रहेगी. इन सभी फैक्टर्स का असर निफ्टी और सेंसेक्स पर देखने को मिल सकता है.
दूसरी ओर, एशियाई बाजारों में गुरुवार को अच्छी तेजी देखने को मिली. जापान का निक्केई 1.32 फीसदी से ज्यादा चढ़ा, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी 4% से अधिक मजबूत हुआ. चिप कंपनियों के शेयरों में तेजी से एशियाई बाजारों को सहारा मिला. अमेरिका में भी बुधवार को ज्यादातर प्रमुख इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए. वहां, महंगाई के आंकड़े उम्मीद के मुताबिक नरम रहने से ब्याज दर बढ़ने की चिंता कुछ कम हुई है. ऐसे में आज भारतीय बाजार के लिए घरेलू और ग्लोबल दोनों संकेत अहम रहेंगे.
एशियाई बाजार का हाल
एशियाई बाजारों की मजबूत शुरुआत भारतीय बाजार के लिए पॉजिटिव संकेत है. जापान और दक्षिण कोरिया के बाजारों में खास तौर पर तेजी देखने को मिली. दक्षिण कोरिया का कोस्पी 4.14 फीसदी तक चढ़ा है. चिप कंपनियों के शेयरों में खरीदारी से बाजार को मजबूती मिली है.
अमेरिकी बाजारों से मिला-जुला रुख
अमेरिकी बाजार में भी बुधवार को ज्यादातर इंडेक्स बढ़त में रहे. S&P 500 में 0.26 फीसदी और Nasdaq में 0.54 फीसदी की तेजी रही. हालांकि, Dow Jones 0.04 फीसदी गिरकर बंद हुआ. अमेरिका में जुलाई की महंगाई उम्मीद से ज्यादा नहीं बढ़ी, जिससे अगले महीने ब्याज दर बढ़ने की आशंका कुछ कम हुई है. इसका असर आज दुनिया भर के बाजारों पर पड़ सकता है.
भारत और अमेरिका के महंगाई आंकड़े
भारत में जुलाई की खुदरा महंगाई बढ़कर 4.45 फीसदी हो गई है. जून में यह 4.38 फीसदी थी. यह नई सीरीज में अब तक का सबसे हाई लेवल है. महंगाई लगातार दूसरे महीने आरबीआई के ऐवरेज लक्ष्य से ऊपर रही है. इसलिए बाजार की नजर इस बात पर रहेगी कि आगे ब्याज दरों को लेकर आरबीआई का रुख कैसा रहता है.
वहीं, अमेरिका में जुलाई में CPI सिर्फ 0.1 फीसदी बढ़ा. इससे अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से अगले महीने ब्याज दर बढ़ाने की चिंता कम हुई है. अगर अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर माहौल नरम रहता है तो इसका फायदा उभरते बाजारों को मिल सकता है. विदेशी निवेशकों की खरीदारी भी बाजार के लिए अहम होगी. इसके अलावा आज अमेरिके के PCE डेटा का भी निवेशकों को इंतजार रहेगा. इसका असर भी US के ब्याज दरों के फैसले पर पड़ता है.
MSCI इंडेक्स में बदलाव
MSCI की अगस्त समीक्षा में भारतीय बाजार से जुड़ी कुछ बड़ी कंपनियों के इंडेक्स में बदलाव किया गया है. अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस, लेंसकार्ट सॉल्यूशंस, बिलियनब्रेन गैरेज वेंचर्स यानी ग्रो और लॉरस लैब्स को MSCI India Standard Index में शामिल किया गया है.
वहीं, एस्ट्रल, बालकृष्ण इंडस्ट्रीज और SBI कार्ड्स एंड पेमेंट सर्विसेज को इंडेक्स से बाहर किया जाएगा. ये बदलाव 31 अगस्त 2026 को बाजार बंद होने के बाद लागू होंगे. इससे इन कंपनियों के शेयरों में आने वाले दिनों में खरीदारी या बिकवाली बढ़ सकती है. इसलिए आज इन शेयरों पर निवेशकों की खास नजर रह सकती है.
कच्चा तेल और रुपये की चाल
कच्चे तेल की कीमतों में बुधवार को गिरावट देखने को मिली. ब्रेंट क्रूड 1.05 फीसदी गिरकर 88.05 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया. वहीं, WTI क्रूड 1.16 फीसदी टूटकर 82.30 डॉलर प्रति बैरल पर रहा. अमेरिका में कच्चे तेल का भंडार बढ़ने से कीमतों पर दबाव आया.
भारत के लिए सस्ता कच्चा तेल राहत की खबर हो सकता है, क्योंकि देश अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है. तेल की कीमत कम होने से महंगाई और आयात बिल पर दबाव घट सकता है. इसके अलावा आज रुपये की चाल, विदेशी निवेशकों की खरीदारी और निफ्टी के अहम लेवल भी बाजार की दिशा तय करने में अहम रहेंगे.

