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Madhubani Kajal Pathak NEET PG Success Story: मधुबनी की काजल पाठक ने NEET PG परीक्षा में पहले ही प्रयास में AIR 3 हासिल कर देश भर में रिकॉर्ड बनाया है. उन्होंने लाखों डॉक्टरों को पीछे छोड़ते हुए यह उपलब्धि हासिल की. इंटर्नशिप और जॉब के साथ तैयारी करते हुए 14 घंटे प्रतिदिन पढ़ाई की. जानें इनकी सफल कहानी.
मधुबनी: बिहार की प्रतिभाओं ने एक बार फिर देशभर में अपनी पहचान बनाई है. मधुबनी जिले के बेनीपट्टी की रहने वाली काजल पाठक ने NEET PG में ऑल इंडिया रैंक-3 (AIR-3) हासिल कर जिले और बिहार का नाम रोशन किया है. खास बात यह है कि काजल ने यह सफलता पहले ही प्रयास में हासिल की है. इंटर्नशिप और जॉब के साथ तैयारी करते हुए देशभर के लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों के बीच टॉप-3 में जगह बनाना उनकी मेहनत और लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है.
पहले प्रयास में टॉप-3 रैंक का लक्ष्य
काजल पाठक ने बातचीत में बताया कि उन्होंने शुरुआत से ही अपना लक्ष्य तय कर रखा था. उनका सपना था कि पहले प्रयास में ऐसी रैंक हासिल हो. जिससे दिल्ली में अपनी पसंद का मेडिकल कॉलेज मिल सके. उन्होंने बताया कि पढ़ाई के साथ इंटर्नशिप और जॉब को मैनेज करना आसान नहीं था. जॉब के दौरान समय कम मिलता था. इसके बावजूद वह रोज करीब 6 घंटे पढ़ाई करती थीं. परीक्षा से पहले के आखिरी तीन महीने उन्होंने गांव में रहकर पूरी तरह पढ़ाई पर ध्यान दिया. करीब 14 घंटे प्रतिदिन पढ़ाई की. काजल ने बताया कि तैयारी के दौरान उनका लक्ष्य टॉप-100 में जगह बनाना था. उन्हें लगता था कि अगर प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं भी रहा तो कम से कम टॉप-500 में रैंक हासिल करनी है. AIR-3 हासिल करना उनके लिए भी बड़ी उपलब्धि है.
दिल्ली से की MBBS की पढ़ाई
काजल पाठक ने दिल्ली से MBBS की पढ़ाई पूरी की है. फिलहाल इंटर्नशिप कर रही हैं. पढ़ाई के साथ जॉब और इंटर्नशिप की जिम्मेदारियों को संभालते हुए उन्होंने NEET PG की तैयारी की. काजल का कहना है कि सफलता के लिए शुरुआत से लक्ष्य स्पष्ट होना जरूरी है. उन्होंने अपनी तैयारी में नियमित पढ़ाई और समय के बेहतर प्रबंधन को प्राथमिकता दी.
पिता 26 साल से चला रहे ट्यूशन इंस्टीट्यूट
काजल के परिवार में माता-पिता और दो भाई समेत कुल पांच सदस्य हैं. उनके पिता राजमोहन पाठक पिछले करीब 26 वर्षों से गांव में ट्यूशन इंस्टीट्यूट चलाते हैं. जबकि उनकी मां गृहिणी हैं. राजमोहन पाठक बताते हैं कि बच्चों की सफलता के लिए सही दिशा और लगातार मार्गदर्शन जरूरी है. उन्होंने कहा कि बच्चों को पढ़ाई के प्रति प्रेरित रखना और मोबाइल फोन के अनावश्यक इस्तेमाल से दूर रखना भी अभिभावकों की जिम्मेदारी है.
उन्होंने बताया कि काजल की प्रारंभिक शिक्षा 12वीं तक बेनीपट्टी में ही हुई. इसके बाद उन्होंने पटना और दिल्ली में पढ़ाई की. काजल शुरू से ही डॉक्टर बनना चाहती थीं. इसलिए परिवार ने उनकी रुचि के अनुसार शिक्षा और तैयारी के लिए जरूरी सहयोग और मार्गदर्शन दिया.
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अमित रंजन वर्तमान में News18 में बिहार, झारखंड और दिल्ली से जुड़ी खबरों के समन्वय और संपादन का कार्य देख रहे हैं. खोजी पत्रकारिता उनकी विशेष रुचि का क्षेत्र है. राजनीति, शिक्षा, खेल, क्राईम और मौसम जैसे विषयों …
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