सुखबीर सिंह बादल के हाथ में चोट लगी है। उन्हें यशोसाई हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया है।
महाराष्ट्र के नांदेड़ में गुरुवार को शिरोमणि अकाली दल (SAD) के अध्यक्ष और पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल पर हमला हुआ। पुलिस के मुताबिक, गुरुद्वारा माता साहिब कौर में एक निहंग ने उन पर कृपाण से हमला किया। बादल के हाथ में चोट लगी है।
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हमले के दौरान उनकी सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी भी घायल हो गया। घटना दोपहर करीब 1 बजे की बताई जा रही है। पुलिस ने हमले के आरोपी निहंग जसपाल सिंह को गिरफ्तार कर लिया है।
सुखबीर बादल परिवार के साथ नांदेड़ के गुरुद्वारे में माथा टेकने पहुंचे थे। हमले के बाद उन्हें यशोसाई अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सुखबीर बादल की सांसद पत्नी हरसिमरत कौर बादल को फोन कर सुखबीर का हाल जाना है।
सुखबीर बादल पर 4 दिसंबर 2024 को भी हमला हुआ था। गोल्डन टेंपल में सेवादार की धार्मिक सजा भुगतने के दौरान उन पर फायरिंग की गई थी।
घटना की तस्वीरें…
सुखबीर सिंह बादल ने अपने परिवार के साथ तख्त श्री हजूर साहिब में मत्था टेका।

हमले के बाद सुखबीर सिंह बादल को अस्पताल ले जाया गया।

यशोसाईं अस्पताल के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

हमले से पहले बादल अपनी पत्नी हरसिमरत कौर बादल के साथ नांदेड़ में तख्त श्री हजूर साहिब गए थे।
महाराष्ट्र सीएम फडणवीस ने जांच के आदेश दिए
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नांदेड़ के पुलिस अधीक्षक से बात की और सुखबीर सिंह बादल पर हुए हमले की जांच के आदेश दिए।
बादल का सुरक्षाकर्मी संतोष हेगड़े हमलावर को रोकने के प्रयास में घायल हुआ है। हमलावर को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। घटना से जुड़े CCTV फुटेज और चश्मदीदों से जानकारी जुटाई जा रही है।
हमलावर को सम्मानित करने का दावा
इस घटना के बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि हमला करने वाले निहंग को सम्मानित किया गया। हालांकि, वीडियो को लेकर किए जा रहे दावे की पुष्टि अभी नहीं हुई है।

दावा है कि जिस निहंग को दस्तार बांधा जा रहा है उसी ने हमला किया है। मौके पर एक पुलिसवाला भी मौजूद है, जो बाद में इसे पकड़कर ले गया।
बादल पर हमला करने वाला जसपाल सिंह कौन?
सूत्रों के मुताबिक, सुखबीर सिंह बादल पर हमला करने वाले आरोपी की पहचान जसपाल सिंह के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि जसपाल सिंह इसी गुरुद्वारे में 2 साल से सेवा कर रहा था। वह पुणे का रहने वाला है। बताया जा रहा है कि वह गुरुद्वारे में सेवा करने से पहले कोर्ट में वकालत करता था।
घटना के समय वह निहंग के वेश में गुरुद्वारा परिसर के पास मौजूद था। जानकारी के अनुसार, इसी दौरान किसी बात को लेकर बहस हुई और जसपाल सिंह ने अचानक कृपाण से सुखबीर बादल पर हमला कर दिया। हालांकि, हमले की असली वजह अभी साफ नहीं हुई है।
नांदेड़ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी आरोपी जसपाल सिंह से पूछताछ कर रहे हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर विवाद किस बात को लेकर हुआ और उसने सुखबीर बादल पर हमला क्यों किया। पुलिस घटना से जुड़े CCTV फुटेज और अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।

पुलिस के मुताबिक, हमले के तुरंत बाद ही हमलावर को दबोच लिया गया था।
अकाली दल प्रवक्ता बोले- सिख धर्म विरोधी ताकतों की साजिश
अकाली दल के प्रवक्ता एडवोकेट अर्शदीप सिंह कलेर ने कहा कि सुखबीर बादल पूरी तरह स्वस्थ हैं। मामला महाराष्ट्र का है, इसलिए वहां की पुलिस जांच करेगी कि हमलावर कौन है। उसने किसके कहने पर हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके पीछे कुछ सिख धर्म विरोधी ताकतों की साजिश हो सकती है।
अकाल तख्त जत्थेदार ने कहा- हमलावर सच्चा सिख नहीं
इस बारे में सिखों की सर्वोच्च संस्था श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने कहा कि गुरुद्वारा साहिब ऐसी जगह है, जहां श्रद्धालु सभी की भलाई के लिए अरदास करने आते हैं। सच्चा सिख किसी ऐसे व्यक्ति पर हमला नहीं कर सकता, जो गुरुद्वारा साहिब में माथा टेकने आया हो। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं से गुरुद्वारों की मर्यादा को ठेस और पूरे सिख समुदाय की छवि को नुकसान पहुंचा है।
2024 में भी हुआ था हमला

गोल्डन टेम्पल में सुखबीर सिंह बादल पर दिसंबर 2024 में हुए हमले की तस्वीर।
- सुखबीर सिंह बादल पर 4 दिसंबर 2024 को अमृतसर के गोल्डन टेंपल के प्रवेश द्वार पर जानलेवा फायरिंग की गई थी। इसमें वे बाल-बाल बच गए थे।
- यह हमला उस समय हुआ था जब वे अकाल तख्त की ओर से सुनाई गई एक धार्मिक सजा (तनखैया) काट रहे थे।
- सुखबीर बादल को सिखों की सर्वोच्च संस्था अकाल तख्त ने धार्मिक रूप से दोषी घोषित किया था। यह सजा अकाली दल सरकार के दौरान हुई गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की घटनाओं के प्रायश्चित के रूप में दी गई थी।
- उस दिन उनकी सजा का दूसरा दिन था। पैर में फ्रैक्चर होने के कारण वह व्हीलचेयर पर बैठे थे। गले में पट्टी लटकी हुई थी, नीली पोशाक पहने थे और हाथ में भाला लेकर द्वार पर पहरेदार के रूप में सेवा दे रहे थे।
- एक बुजुर्ग व्यक्ति भीड़ के बीच से धीरे-धीरे सुखबीर बादल की ओर बढ़ा। उसने अपनी जेब से 9mm की पिस्टल निकाली और सीधे बादल पर निशाना साधकर गोली चला दी।

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शिरोमणि अकाली दल (SAD) के प्रधान सुखबीर सिंह बादल पर महाराष्ट्र के नांदेड़ में हुए हमले की पंजाब समेत देशभर में निंदा हो रही है। सभी इस घटना की उच्च स्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं। जबकि, सिखों की सर्वोच्च धार्मिक पीठ अकाल तख्त के जत्थेदार ने तो यह भी कह दिया कि हमलावर सच्चा सिख नहीं। पढ़ें पूरी खबर…

