Wednesday, August 19, 2026
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सिविल अस्पताल से मरीज को निजी अस्पताल ले गए दलाल: इलाज के नाम पर 60 हजार वसूली, शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई – Lucknow News




लखनऊ के सिविल अस्पताल की इमरजेंसी से रेफर हुई बुजुर्ग महिला के ट्रॉमा पहुंचने से पहले तीमारदार के नंबर पर फोन पहुंच गया। निजी अस्पताल के दलाल ने सरकारी में इलाज न मिलने की बात कहते हुए पति को डराया। मरीज को बेहतर इलाज का झांसा देकर ट्रॉमा के पास स्थित यूनाइटेड हॉस्पिटल ले गए। वहां पर इलाज के नाम पर उगाही हुई। आखिर में मरीज की जान चली गई। पति ने मरीज के पैरों से पायल और बिछिया भी गायब होने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री से शिकायत दर्ज कराई। मामले की जांच सीएमओ को सौंपी गई। पीड़ित की शिकायत को कचरे के डिब्बे में डालकर दबा दिया गया। बुजुर्ग न्याय के लिए भटक रहा है मगर उसकी सुनवाई नहीं हो रही। ये था पूरा मामला चारबाग निवासी विश्वनाथ पांडेय 21 जून को दोपहर ढाई बजे अपनी पत्नी पार्वती देवी को सिविल अस्पताल की इमरजेंसी ले गए थे। ईएमओ ने विशेषज्ञ न होने की बात कहकर ट्रॉमा रेफर किया। ट्रॉमा पहुंचने से पहले ही सिविल की इमरजेंसी से तीमारदार का नंबर दलाल के पास पहुंच गया। दलाल ने विश्वनाथ पांडेय को फोन करके सरकारी में इलाज न मिलने की बात कही। मरीज को सस्ता व बेहतर इलाज का झांसा देकर उसे यूनाइटेड हॉस्पिटल ले गए। वहां भर्ती, दवा और जांच के नाम पर करीब 60 हजार रुपये वसूले गए। पति विश्वनाथ का आरोप है भर्ती के समय पत्नी के पैरों में पहनी दो पायल और बिछिया गायब मिले। विश्वनाथ का आरोप है कि शिकायत करने की बात कहने पर दलाल ने जान से मारने की धमकी दी। इससे उनका परिवार डरा है। पीड़ित ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर पूरे प्रकरण की जांच की मांग की है। मामले की जांच सीएमओ को सौंपी गई थी। करीब दो माह बीतने के बाद भी अभी तक सीएमओ के स्तर से कोई भी कार्रवाई नहीं की गई। पीड़ित का आरोप है जांच के नाम पर सिर्फ नाटक चल रहा है। पीड़ित ने सीएमओ को कठघरे में खड़ा करते हुए सांठगांठ का आरोप लगाया है। मांगा जाएगा जवाब लखनऊ सीएमओ डॉ.एनबी सिंह ने बताया कि इस प्रकरण में अभी मामले की जानकारी नहीं है। पीड़ित संग ऐसी घटना हुई तो संबंधित अस्पताल से जवाब तलब करके कार्रवाई होगी। जांच के आधार पर होगी कार्रवाई सिविल अस्पताल के निदेशक डॉ. जीपी गुप्ता ने बताया कि अस्पताल की इमरजेंसी से मरीज के निकलते ही तीमारदार का नंबर दलाल के पास पहुंच गया। यह गंभीर मसला है। इस दलाली में जो भी डॉक्टर व कर्मचारी शामिल होंगे उनकी जांच करके कार्रवाई होगी।



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