राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने कक्षा 11वीं और 12वीं की पालिटिकल साइंस की नई किताबें तैयार करने के लिए 20 सदस्यों की नई टीम बनाई है। यह नई टीम 14 अगस्त को बनाई गई। इससे पहले जून 2025 में बनाई गई टीम को हटा दिया गया है। आठवीं की किताब को लेकर विवाद के बाद यह फैसला लिया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, नई टीम में कम से कम 4 ऐसे सदस्य हैं, जिनका राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ या उससे जुड़े संगठनों से संबंध रहा है।
कौन हैं यदुनाथ देशपांडे?
यदुनाथ देशपांडे एबीवीपी में संगठनात्मक पदों पर रह चुके हैं। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ा छात्र संगठन माना जाता है। उनके प्रोफाइल में उन्हें बीजेपी के पूर्व राजनीतिक सलाहकार के रूप में भी बताया गया है। डॉ. प्रशांत दिवेकर पुणे के ज्ञान प्रबोधिनी में शिक्षक शिक्षा और रिसर्च कार्यक्रम का नेतृत्व करते हैं। यह संस्था राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक रहे विनायक विश्वनाथ से जुड़ी रही है।
जेएनयू की प्रोफेसर को भी मिली जगह
वंदना मिश्रा, जो जवाहर नेहरू विश्वविद्यालय की प्रोफेसर हैं। वह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की पूर्व राष्ट्रीय सचिव रह चुकी हैं। डॉ. रवि रामचंद्र शुक्ला, जो जवाहर नेहरू विश्वविद्यालय में हैं। वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े संगठन रामभाऊ म्हालगी प्रबोधिनी की पत्रिका के संपादकीय बोर्ड में हैं।
नई किताबों में इंडियन नॉलेज सिस्टम पर जोर
किताबों में इंडियन नॉलेज सिस्टम पर जोर देने की बात कही गई है। नई टीम को किताबों में इंडियन नॉलेज सिस्टम और भारतीय संस्कृति से जुड़ी बातों को महत्वपूर्ण जगह देने को कहा गया है। इसके लिए टीम को एनसीईआरटी के उन विभागों से भी सलाह लेनी होगी जो इंडियन नॉलेज सिस्टम, सामाजिक विज्ञान, भाषाओं, पर्यावरण शिक्षा और नई शिक्षण पद्धतियों पर काम करते हैं। किताब के अध्याय तैयार होने के बाद एक टेक्सबुक कोर ग्रुप उनकी समीक्षा करेगा और यह देखेगा कि भारतीय ज्ञान और सांस्कृतिक जुड़ाव को किताब में किस तरह शामिल किया गया है।
किताबें कब तक तैयार होंगी?
नई टीम के प्रमुख निट्टे यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर संदीप शास्त्री हैं। डॉ. वंथांगपुई खोबुंग सदस्य और डॉ. सुभाष सिंह समन्वयक हैं। कक्षा 11 की पॉलिटिकल साइंस की किताब 30 नवंबर 2026 तक तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, कक्षा 12 की पॉलिटिकल साइंस की किताब 30 जुलाई 2027 तक तैयार करने का लक्ष्य है।
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