अररिया के पलासी प्रखंड में निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है।
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पलासी ग्रिड से 33/11 केवी विद्युत शक्ति उपकेंद्र पलासी तक बिछाई गई नई 33 केवी लाइन का शनिवार को सफल परीक्षण किया गया।
ट्रायल सफल होने के बाद पलासी और बोची उपकेंद्रों को इस नई लाइन से बिजली आपूर्ति शुरू कर दी गई है।
विद्युत कार्यपालक अभियंता, अररिया, गौरव कुमार ने बताया कि पहले पलासी उपकेंद्र को अररिया ग्रिड से निकलने वाले 33 केवी बोची फीडर के माध्यम से बिजली मिलती थी।
दोनों उपकेंद्रों को मिलती रहेगी बिजली
इस पुरानी व्यवस्था में 33 केवी लाइन में खराबी आने पर पलासी और बोची दोनों उपकेंद्रों की आपूर्ति प्रभावित होने का खतरा रहता था।
उन्होंने आगे बताया कि पलासी ग्रिड से नई 33 केवी लाइन के निर्माण से अब बिजली आपूर्ति के लिए एक अतिरिक्त वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध हो गई है।
इसका अर्थ है कि किसी एक 33 केवी लाइन में खराबी आने पर भी दूसरे 33 केवी लाइन के जरिए पलासी और बोची दोनों उपकेंद्रों को बिजली मिलती रहेगी।
इससे उपभोक्ताओं को बिजली कटौती के दौरान कम परेशानी होगी।
इस नई व्यवस्था से पलासी प्रखंड क्षेत्र में बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता और विश्वसनीयता में वृद्धि होने की उम्मीद है।
मौके पर मौजूद रहे कई इंजिनियर
तकनीकी खराबी आने पर वैकल्पिक लाइन से आपूर्ति बहाल करना भी आसान हो जाएगा।
इससे घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ कृषि, छोटे व्यवसायों और अन्य बिजली आधारित गतिविधियों को भी लाभ मिलेगा।
नई 33 केवी लाइन के सफल ट्रायल के दौरान सहायक विद्युत अभियंता, जोकीहाट, जिकेश कुमार; कनीय विद्युत अभियंता, पलासी, राजेश कुमार सहित पलासी ग्रिड के अभियंता और कर्मी मौजूद रहे।
विद्युत विभाग के अधिकारियों ने इस नई व्यवस्था को क्षेत्र में बेहतर बिजली आपूर्ति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।

