फरीदाबाद स्थित मानव रचना इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ रिसर्च एंड स्टडीज में आयोजित वाइस चांसलर्स कॉन्क्लेव-2026 के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि यह कॉन्क्लेव केवल सम्मेलन नहीं, बल्कि एक संकल्प है।
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उन्होंने कहा कि विधायिकाएं कानून बनाती हैं, बजट स्वीकृत करती हैं और सरकारों को जवाबदेह बनाती हैं।
वहीं विश्वविद्यालय शोध आधारित सुझाव, पर्यावरणीय कानूनों पर विशेषज्ञ राय और छात्रों की लोकतांत्रिक संस्थाओं में भागीदारी बढ़ाकर इस प्रक्रिया को मजबूत कर सकते हैं।
22-23 अगस्त तक चल रहे दो दिवसीय कॉन्क्लेव की थीम ग्रीन कैंपस : सतत और लचीले भविष्य के लिए उच्च शिक्षण संस्थानों को सशक्त बनाना है।
इसमें देशभर के विश्वविद्यालयों के कुलपति, प्रति-कुलपति, निदेशक, शिक्षाविद, संकाय सदस्य और छात्र शामिल हुए।
मानव रचना एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस के 30 वर्ष पूरे होने पर बधाई देते हुए गुप्ता ने कहा कि संस्थान का आदर्श वाक्य क्रिएटिंग बेटर ह्यूमन यानी बेहतर मनुष्य का निर्माण, बेहतर पृथ्वी की जिम्मेदारी से जुड़ने पर और महत्वपूर्ण हो जाता है।
उन्होंने कहा कि बेहतर मनुष्य और बेहतर पृथ्वी, दोनों अलग-अलग लक्ष्य नहीं हो सकते।
कार्यक्रम में मानव रचना एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत भल्ला, डॉ. एचडी चरण समेत पर्यावरण संरक्षण गतिविधि से जुड़े सदस्य और विभिन्न शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

