फसल बीमा घोटाले में SOG की बड़ी कार्रवाई: इंश्योरेंस कंपनी के क्लस्टर हेड समेत 3 हिरासत में, 5 घंटे पूछताछ; 2 नई FIR नागौर जिले में करोड़ों रुपए के कथित फर्जी फसल बीमा घोटाले की जांच अब तेज हो गई है। एसओजी और एसआईटी की टीम ने शनिवार को नागौर में कार्रवाई करते हुए इंश्योरेंस कंपनी के तत्कालीन जिला कोऑर्डिनेटर अक्षय तिवारी, क्लस्टर हेड आदित्य पाटोदिया और विनीत कुमार दुबे को हिरासत में लिया। तीनों से करीब 5 घंटे तक पूछताछ की गई। इसी कार्रवाई के दौरान पांचौड़ी और रोल थाना क्षेत्र में फर्जी दस्तावेजों के जरिए फसल बीमा क्लेम उठाने के दो नए मामले भी दर्ज किए गए हैं। जांच के दौरान एसओजी ने एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी के तत्कालीन जिला कोऑर्डिनेटर अक्षय तिवारी निवासी भूरियासनी, क्लस्टर हेड आदित्य पाटोदिया निवासी मेड़ता सिटी और विनीत कुमार दुबे को हिरासत में लिया। टीम ने तीनों से फसल बीमा पॉलिसियों, सर्वे और क्लेम से जुड़े दस्तावेजों को लेकर पूछताछ की। जांच में फर्जीवाड़े के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आने की बात कही जा रही है। पूछताछ के आधार पर एसओजी दस्तावेज और डिजिटल डेटा जुटाने में लगी है। फर्जी बटाईदार बनकर 2.89 लाख रुपए का क्लेम उठाने का आरोप श्रीबालाजी थाना क्षेत्र के चाऊ गांव में किसान रामाकिशन जाट (61) ने शिकायत दी थी। उनका आरोप है कि उनकी सहखातेदारी की जमीन पर आरोपियों ने फर्जी बटाईदार बनकर खरीफ 2021 की मूंग फसल का बीमा कराया। इसके लिए फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए और कुल 2,89,841 रुपए का बीमा क्लेम उठा लिया गया। शिकायत में ओमप्रकाश पुत्र जेठाराम, प्रेमप्रकाश पुत्र जोधाराम, इंदिरा पत्नी प्रेमप्रकाश और जेठाराम पुत्र देवाराम के साथ इंश्योरेंस कंपनी के तहसील कोऑर्डिनेटर विष्णु दाधीच और हरेन्द्र लोयल को आरोपी बनाया गया है। आरोप है कि एक पॉलिसी में 1,20,030 रुपए और दूसरी पॉलिसी में 1,69,881 रुपए का क्लेम अलग-अलग बैंक खातों में जमा कराया गया। शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि जब उसने इसका विरोध किया तो उसे जान से मारने की धमकी दी गई। 6 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज श्रीबालाजी थाना पुलिस ने मामले में धोखाधड़ी, अमानत में खयानत और आपराधिक साजिश की धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि फर्जी दस्तावेज किसने तैयार किए और बीमा कंपनी की प्रक्रिया में किस स्तर पर गड़बड़ी हुई। गोठ में भी फर्जी दस्तावेज से बीमा कराने का मामला रोल थाना क्षेत्र के ग्राम गोठ में भी फर्जी दस्तावेजों के जरिए जमीन का फसल बीमा करवाकर राशि हड़पने का मामला सामने आया है। पीड़ित विजय सिंह बांजारा ने पुलिस को रिपोर्ट दी है कि उसके पिता खीयाराम के नाम दर्ज पुश्तैनी जमीन का प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ 2026 का बीमा कराया गया। रिपोर्ट के अनुसार किसी अज्ञात व्यक्ति ने फर्जी स्टाम्प, कूटरचित दस्तावेज और जाली दस्तखत का इस्तेमाल कर खुद को बटाईदार बताया और जमीन का अनधिकृत रूप से बीमा करवा लिया। पीड़ित ने जमीन की जमाबंदी और आधार से जुड़े दस्तावेज भी पुलिस को दिए हैं। उसने मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की है। फर्जी पॉलिसी से लेकर क्लेम की रकम तक जांच फसल बीमा घोटाले की जांच में एसओजी और एसआईटी की कार्रवाई लगातार बढ़ रही है। जांच अब इस बात पर केंद्रित है कि फर्जी पॉलिसियां किस तरह तैयार की गईं, सर्वे और क्रॉप कटिंग के स्तर पर किस तरह की गड़बड़ी हुई और क्लेम की रकम किन-किन बैंक खातों में पहुंचाई गई। पुलिस अब पूरे नेटवर्क से जुड़े लोगों की भूमिका खंगाल रही है। पूछताछ में सामने आने वाले तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। एसपी आशाराम चौधरी के अनुसार पिछले 4-5 साल में यदि किसी किसान की जमीन पर फर्जी फसल बीमा पॉलिसी करवाकर क्लेम उठाया गया है और किसान के पास इससे जुड़े दस्तावेज या अन्य सबूत हैं, तो वे पुलिस को उपलब्ध करवाएं। ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
Source link

