कांग्रेस के CWC सदस्य और पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल सोमवार को सिंगरौली पहुंचे। उन्होंने एक पत्रकार वार्ता में केंद्र और मध्य प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। पटेल ने कहा कि मध्य प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश का सिस्टम खराब हो चुका है। उन्होंने बताया कि प्रतियोगी परीक्षाएं लगातार पेपर लीक की चपेट में आ रही हैं। NEET समेत कई परीक्षाओं के पेपर लीक हुए हैं। पटेल के अनुसार, सरकार सिस्टम सुधारने के बजाय डैमेज कंट्रोल में लगी है। पटेल ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि एक आंकड़े के अनुसार, मध्य प्रदेश में 2,446 सरकारी स्कूल बंद हो चुके हैं। सरकार स्कूलों में शिक्षकों का इंतजाम तक नहीं कर पा रही है। उन्होंने जोर दिया कि शिक्षा व्यवस्था मजबूत किए बिना युवाओं का भविष्य सुरक्षित नहीं हो सकता। जातिगत जनगणना के मुद्दे पर पटेल ने कहा कि देश में सभी जातियों की गिनती होनी चाहिए। लेकिन, केंद्र सरकार इस दिशा में गंभीर नहीं दिख रही है। उन्होंने यह भी बताया कि इन्हीं मुद्दों को लेकर राहुल गांधी मध्य प्रदेश आ रहे हैं और भोपाल में छात्रों से बात करेंगे। पटेल ने अयोध्या राम मंदिर से जुड़े चंदा घोटाले के आरोपों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि CBI ने चंपत राय और अशोक मिश्रा को क्लीन चिट देने के लिए सिर्फ एक महीने में जांच पूरी कर ली। उन्होंने इसे भाजपा और RSS की मिलीभगत बताया। उन्होंने रीवा में एक गर्भवती महिला की मौत का मामला भी उठाया। पटेल ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े किए और स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल के इस्तीफे की मांग की। सिंगरौली के जिला खनिज प्रतिष्ठान (DMF) फंड को लेकर भी उन्होंने सरकार पर निशाना साधा। पटेल ने कहा कि जिले से मिलने वाला DMF का पैसा सिंगरौली के विकास कामों पर ही खर्च होना चाहिए। लेकिन, सरकार इस पैसे को बाहर भेज रही है।
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कमलेश्वर पटेल ने जाति जनगणना पर सरकार को घेरा: पूर्व मंत्री ने DMF फंड, स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी उठाए सवाल – Singrauli News
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