Friday, September 11, 2026
Homeबिज़नेस₹2.5 लाख से आज ₹2 करोड़ टर्नओवर, ऐसे 'मशरूम किंग' बने उपेंद्र...

₹2.5 लाख से आज ₹2 करोड़ टर्नओवर, ऐसे ‘मशरूम किंग’ बने उपेंद्र कुशवाहा


Last Updated:

Business Success Story: बिहार के उपेंद्र कुशवाहा ने महज ₹2.5 लाख से मशरूम बिजनेस शुरू किया. अपनी मेहनत व बेहतर तकनीक के दम पर इसे बड़े कारोबार में बदल दिया. आज उनका मशरूम कारोबार ₹2 करोड़ सालाना टर्नओवर तक पहुंच चुका है. उनकी यह कहानी कम निवेश में खेती आधारित बिजनेस शुरू करने वाले युवाओं के लिए प्रेरणादायक है.

पश्चिमी चंपारण के नौतन निवासी 32 वर्षीय उपेंद्र कुशवाह मशरूम किंग के रूप में प्रसिद्ध हो रहे हैं. महज पांच वर्ष पहले उन्होंने करीब 2.50 लाख की लागत से बटन मशरूम का कारोबार शुरू किया, जो आज सालाना दो करोड़ से ऊपर की टर्न ओवर तक पहुंच चुका है.इस लेख में हम आपको उपेंद्र के संघर्ष से लेकर सफलता तक की पूरी कहानी साझा कर रहे हैं.

Local 18 से बात करते हुए उपेंद्र बताते हैं कि एग्रीकल्चर से बैचलर की पढ़ाई पूरी करने के बाद वो घर वापस लौट आयें. वर्ष 2019 की आखिरी तक Covid 19 की शुरुवात होने के साथ उनके बाहर जाकर काम करने का सपना भी टूट गया. इस दौरान उन्होंने घर पर रहकर ही खुद का कारोबार शुरू करने का विचार किया और फिर मशरूम उत्पादन में लग गए.

मशरूम की फार्मिंग के लिए पहले उन्होंने प्रशिक्षण लिया और फिर छोटी से मड़ई में 50 बैग्स लगाकर फार्मिंग की शुरुवात की. बकौल उपेंद्र, उस वक्त इन सभी चीजों को तैयार करने में क़रीब ढाई लाख रुपए का इनवेस्टमेंट हुआ. चुकी तैयार बैग से मशरूम के फलन की शुरुवात 45 दिनों से हो जाती है, इसलिए दो से तीन महीनों में उन्हें आमदनी का हिसाब किताब समझ में आने लगा.

Add News18 as
Preferred Source on Google

कारोबार में लाभ दिखने के साथ उपेंद्र ने इसके दायरे में विस्तार किया और मड़ई से पक्के की यूनिट पर आ गए. 2.50 लाख का कारोबार जब 50 लाख के टर्न ओवर पर पहुंचा तब उन्होंने यूनिट्स की संख्या में वृद्धि की और स्पॉन के बैग्स (मशरूम किट)भी तैयार करने लगें. बेहतर क्वालिटी और भरपूर सप्लाई की वजह से ज़िले भर के मशरूम व्यापारी उपेन्द्र से व्यापार करने लगें, जिससे उनकी आमदनी में बड़ी बढ़ोतरी हुई.

वर्तमान में उपेंद्र को मशरूम उत्पादन का कारोबार शुरू किए हुए 5 साल से ऊपर हो रहे हैं, जिससे उनका सालाना टर्न ओवर क़रीब दो करोड़ से ऊपर पहुंच चुका है. उन्होंने 1800 मशरूम बैग्स की क्षमता वाले करीब 8 आधुनिक यूनिट्स तैयार करवाए हैं, जिनसे हर फसल चक्र पूरा होने पर ( 45 दिन) 12 टन तक मशरूम की हार्वेस्टिंग होती है. हार्वेस्टिंग के बाद उपेंद्र इनकी सप्लाई बिहार के कई ज़िलों सहित यूपी, झारखंड और पश्चिम बंगाल तक करते हैं.

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।



Source link

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments