बड़वानी शहर में सोमवार को गणेश चतुर्थी पर गणपति प्रतिमाओं की स्थापना के साथ गणेशोत्सव की शुरुआत हुई। देर रात तक शहर के अलग-अलग इलाकों में सजे भव्य पंडालों में आस्था, संस्कृति, इतिहास और कला का अनोखा संगम देखने को मिला।
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कहीं 11 फीट ऊंचे अष्टभुजा गणेश विराजित किए गए, तो कहीं 15 फीट के चिंतामणि गणेश लोगों को खूब पसंद आए। पुराने कलेक्ट्रेट इलाके में छत्रपति शिवाजी महाराज के दरबार की थीम पर पंडाल सजाया गया है। यहां कई जगह धार्मिक, सांस्कृतिक और नाट्य कार्यक्रम होंगे।
इस बार झंडा चौक स्थित बड़वानी धरोहर और पाटला बाजार स्थित मां कालिका माता मंदिर का कार्यक्रम खास रहा। दोनों जगहों पर गणेशोत्सव को पूजा-पाठ के साथ भारतीय संस्कृति, परंपरा, कला और इतिहास से जोड़ा गया है।
प्रतिमा लेने पहुंचे समिति सदस्य।
ऐतिहासिक झंडा चौक यानी नाभि केंद्र पर बड़वानी धरोहर ने 11 फीट ऊंची अष्टभुजा गणेश प्रतिमा स्थापित की। सोमवार रात शोभायात्रा के साथ गणेशोत्सव की शुरुआत हुई। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और कार्यकर्ता शामिल हुए। करीब 200 कार्यकर्ता पूरे कार्यक्रम की व्यवस्थाओं में लगे हैं। शोभायात्रा के आगे बजरंग व्यायाम शाला का अखाड़ा भी आकर्षण का केंद्र रहा, जहां पहलवानों ने हैरान करने वाले करतब दिखाए।
बड़वानी धरोहर का यह कार्यक्रम साल 2021 में शुरू हुआ था और इस साल अपनी पांच साल की यात्रा पूरी कर रहा है। यहां 25 सितंबर तक रोज रात 8 से 12 बजे तक सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। इनमें रामजी का अयोध्या आगमन, पृथ्वीराज चौहान, फैंसी ड्रेस, कृष्णलीला, मैजिक शो, निमाड़ी भजन, सीता स्वयंवर, हिंडोला महोत्सव और श्याम संकीर्तन जैसे कई कार्यक्रम शामिल हैं। स्थानीय बच्चों, कलाकारों और प्रतिभाओं को भी मंच दिया जा रहा है।

अखाड़ों ने किया प्रदर्शन।
पाटला बाजार स्थित मां कालिका माता मंदिर में करीब 10 साल बाद एक बार फिर 10 दिन का गणेशोत्सव शुरू हुआ। गणेश स्थापना के साथ यहां धार्मिक कथाओं और भारतीय संस्कृति पर आधारित नृत्य-नाट्य कार्यक्रमों का सिलसिला चलेगा। गणपति बप्पा की पूरी कहानी, शिशुपाल वध, आदिशक्ति-महिषासुर वध, पृथ्वीराज चौहान, किष्किंधा कांड, नृसिंह अवतार, द्रौपदी चीरहरण और वीरभद्र-शिवशक्ति जैसे प्रसंगों पर आधारित कार्यक्रम खास रहेंगे।
गणेश उत्सव की अन्य तस्वीरें…




