Wednesday, September 23, 2026
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ट्रम्प की ईरान को धमकी-समझौता करो, वरना तबाह कर देंगे: 7 महीने में 10 से ज्यादा धमकियां दीं, हर बार पलटे


न्यूयॉर्क2 घंटे पहले

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने UN में 38 मिनट स्पीच दी।

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने ईरान को एक बार फिर से तबाह करने की धमकी दी है। मंगलवार को UN में अपने भाषण में उन्होंने कहा-

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अमेरिका के पास दो रास्ते हैं- ईरान के साथ समझौता करना या उसे खत्म कर देना।

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अमेरिका-ईरान जंग शुरू होने के बाद से ट्रम्प पिछले 7 महीने में 10 से ज्यादा बार ईरान को तबाह करने की धमकी दे चुके हैं, लेकिन हर बार उन्हें पलटकर बातचीत का रास्ता अपनाना पड़ा।

अमेरिका में मिडटर्म चुनाव से पहले ट्रम्प की चेतावनी के 5 बड़े मायने

1. ईरान पर हमले से 66% अमेरिकी जनता ट्रम्प से नाराज

रॉयटर्स/इप्सोस के सर्वे के मुताबिक, ईरान पर हमला करने से 66% अमेरिकन ट्रम्प से नाराज हैं। सिर्फ 34% लोग ही ट्रम्प के सपोर्ट में हैं। 3 नवंबर को अमेरिका में मिडटर्म इलेक्शन हैं। ट्रम्प नहीं चाहते कि उनकी पार्टी को नुकसान हो। इसी वजह से वो ईरान युद्ध को अब अंजाम तक पहुंचाना चाहते हैं।

2. ट्रम्प की पार्टी के लोग युद्ध से दूरी बना रहे

मिडटर्म चुनाव से पहले कुछ रिपब्लिकन उम्मीदवार अब ईरान युद्ध जल्द खत्म करने की बात कर रहे हैं। वजह है ईंधन की बढ़ती कीमत और युद्ध को लेकर मतदाताओं की नाराजगी। ऐसे में ट्रम्प की कड़ी चेतावनी अपनी पार्टी के नेताओं और समर्थकों को भी एकजुट रखने का संदेश हो सकती है।

3. हूती के हमलों से अरब देश परेशान

ईरान के समर्थन वाले हूती लड़ाके लगातार सऊदी अरब पर मिसाइल और ड्रोन हमले कर रहे हैं। हूती लाल सागर और बाब-अल-मंदेब के आसपास भी एक्टिव हैं। यह रास्ता एशिया और यूरोप के बीच तेल और सामान पहुंचाने के लिए बेहद अहम है।

ईरान पर अमेरिकी दबाव बढ़ा तो हूती के हमले और बढ़ सकते हैं। इससे जहाजों को लंबा रास्ता लेना पड़ेगा और तेल-सामान महंगा हो सकता है। ट्रम्प नहीं चाहते कि हूती अरब देशों और अमेरिकी सहयोगियों पर हमले बढ़ाएं।

सऊदी अरब के नजरान में हूती हमले के बाद कई जगह आग की ऊंची लपटें उठती दिखीं। तस्वीर अगस्त 2026 की है।

सऊदी अरब के नजरान में हूती हमले के बाद कई जगह आग की ऊंची लपटें उठती दिखीं। तस्वीर अगस्त 2026 की है।

4. ट्रम्प अपनी जीत दिखाना चाहते हैं

ईरान युद्ध करीब 7 महीने से चल रहा है और अमेरिका पर इसकी लागत 3 लाख करोड़ रूपए से ज्यादा हो चुकी है। ट्रम्प अब इसे लंबा खींचने के बजाय किसी समझौते तक पहुंचकर यह दिखाना चाहते हैं कि उनकी सैन्य कार्रवाई का नतीजा निकला।

5. दुनिया को संदेश: अमेरिका पीछे नहीं हटेगा

UN में ट्रम्प की कड़ी भाषा सिर्फ ईरान के लिए नहीं है। वह सहयोगी देशों और विरोधियों दोनों को यह संदेश देना चाहते हैं कि अमेरिका ईरान के परमाणु कार्यक्रम, मिसाइलों और उसके सहयोगी समूहों के मामले में पीछे हटने वाला नहीं है।

ट्रम्प फिर बोले- भारत-पाकिस्तान की जंग रुकवाई

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने एक बार फिर भारत-पाकिस्तान के बीच जंग रुकवाने का दावा किया। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासभा में कहा कि राष्ट्रपति बनने के बाद से उन्होंने 8 जंग खत्म कराई हैं।

ट्रम्प ने पाकिस्तानी PM शहबाज शरीफ को ‘फैंटास्टिक मैन’ बताया। वे 150 से ज्यादा बार भारत-पाकिस्तान संघर्ष रुकवाने का श्रेय ले चुके हैं। हालांकि भारत ने किसी तीसरे देश की मध्यस्थता से इनकार किया है।

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प न्यूयॉर्क स्थित UN मुख्यालय में 81वीं संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान बोलते हुए।

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प न्यूयॉर्क स्थित UN मुख्यालय में 81वीं संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान बोलते हुए।

ट्रम्प ने डेनमार्क और ग्रीनलैंड से समझौता किया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने डेनमार्क और ग्रीनलैंड के साथ सुरक्षा मजबूत करने के लिए समझौते पर साइन किया। समझौते के तहत ग्रीनलैंड में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी बढ़ाई जाएगी, लेकिन द्वीप डेनमार्क के कंट्रोल में ही रहेगा।

ट्रम्प ने UN में भाषण के दौरान कहा कि अमेरिका ग्रीनलैंड में बड़े पैमाने पर सैन्य मौजूदगी बढ़ाएगा। इसके तहत वहां दो बड़े सैन्य अड्डे बनाने की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी।

उन्होंने कहा कि ग्रीनलैंड में अब अमेरिका के किसी भी दुश्मन देश को सैन्य मौजूदगी बनाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

यह समझौता ऐसे समय हुआ है जब ट्रम्प लंबे समय से ग्रीनलैंड को अमेरिका का हिस्सा बनाने की बात कहते रहे हैं। उन्होंने इसे हासिल करने के लिए डेनमार्क पर दबाव बनाने और जरूरत पड़ने पर कब्जा करने की धमकी भी दी थी।

राष्ट्रपति ट्रम्प, डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन और ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री जेन्स-फ्रेडरिक नीलसन ने मंगलवार को समझौते पर साइन किया।

राष्ट्रपति ट्रम्प, डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन और ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री जेन्स-फ्रेडरिक नीलसन ने मंगलवार को समझौते पर साइन किया।

राष्ट्रपति ट्रम्प ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री नीलसन के साथ हाथ मिलाते हुए। बीच में डेनमार्क की प्रधानमंत्री फ्रेडरिक्सन हैं।

राष्ट्रपति ट्रम्प ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री नीलसन के साथ हाथ मिलाते हुए। बीच में डेनमार्क की प्रधानमंत्री फ्रेडरिक्सन हैं।

कई नेताओं से अलग मुलाकात करेंगे ट्रम्प

ट्रम्प कई देशों के नेताओं के साथ अलग मुलाकात करेंगे। इनमें ब्रिटेन के PM एंडी बर्नहैम, जापान की PM साने ताकाइची और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की शामिल हैं। ब्रिटेन के PM एंडी बर्नहैम के साथ यह ट्रम्प की पहली आमने-सामने की मुलाकात होगी।

ट्रम्प गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) के नेताओं के साथ भी बैठक करेंगे, जिसमें सऊदी अरब, UAE, कतर, कुवैत, बहरीन और ओमान के प्रतिनिधि शामिल होंगे।

इसके अलावा वे वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज से भी मुलाकात करेंगे। UNGA के दौरान इराक के प्रधानमंत्री अली फालेह अल-जैदी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से भी ट्रम्प की मुलाकात प्रस्तावित है।

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