Thursday, September 24, 2026
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खाद्य विभाग पर व्यापारियों के उत्पीड़न का आरोप: बोले- रिपोर्ट से पहले व्यापारी का नाम क्यों, चैंबर ने की CM से जांच की मांग – Gorakhpur News




गोरखपुर चेम्बर ऑफ कॉमर्स ने खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग के कुछ अधिकारियों पर व्यापारियों के उत्पीड़न का आरोप लगाया है। चेम्बर के अध्यक्ष संजय सिंघानिया ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष जांच होने पर पूरे मामले की सच्चाई सामने आ जाएगी। अंतिम रिपोर्ट से पहले व्यापारियों के नाम सार्वजनिक करने का आरोप संजय सिंघानिया ने कहा कि त्योहारी सीजन में खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए जा रहे हैं। उनका आरोप है कि कई मामलों में सैंपल की अंतिम जांच रिपोर्ट आने से पहले ही अखबारों में सैंपलिंग की खबर प्रकाशित कराकर व्यापारियों को बदनाम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि व्यापारियों को सैंपल की दोबारा जांच कराने का अधिकार है। इसके अलावा व्यापारी निचली अदालत से लेकर हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक अपना पक्ष रख सकता है। ऐसे में अंतिम निर्णय आने से पहले किसी व्यापारी का नाम सार्वजनिक करना उसकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाता है। व्यापारी-बंधु बैठक में धमकी देने का आरोप चेम्बर अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि मार्च 2026 में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई व्यापारी-बंधु बैठक में भी व्यापारियों के साथ उचित व्यवहार नहीं किया गया। उनका कहना है कि बैठक में व्यापारियों को “दो मिनट में ठीक कर देंगे” जैसी बात कही गई। सिंघानिया ने कहा कि व्यापारियों में इस तरह की कार्रवाई को लेकर डर का माहौल है। उनका आरोप है कि अधिकारियों की कार्रवाई से कारोबारियों की सामाजिक और व्यावसायिक प्रतिष्ठा प्रभावित हो रही है। अगस्त 2025 से शिकायत का दावा चेम्बर अध्यक्ष के मुताबिक, संस्था की ओर से अगस्त 2025 से अधिकारियों के खिलाफ साक्ष्यों के साथ शिकायतें की जा रही हैं। उनका दावा है कि करीब 13 महीने बीतने के बाद भी इन शिकायतों पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर की गई शिकायतों में भी कथित तौर पर भ्रामक और गलत आख्या लगाकर शिकायतों का निस्तारण दिखा दिया गया। सिंघानिया के अनुसार, अधिकारियों की ओर से यह भी कहा गया कि “जहां शिकायत करनी है कर लो, हमारी पहुंच बहुत ऊपर तक है।” मुख्यमंत्री से बाहर के अधिकारी से जांच की मांग चेम्बर ऑफ कॉमर्स ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए गोरखपुर से बाहर के किसी वरिष्ठ अधिकारी से जांच कराने की मांग की है। साथ ही जांच पूरी होने तक संबंधित अधिकारियों को गोरखपुर से हटाने की मांग भी की गई है। चेम्बर ने मांग की है कि खाद्य पदार्थों की सैंपलिंग के मामलों में जब तक न्यायालय की ओर से अंतिम आदेश न हो जाए, तब तक जांच रिपोर्ट से पहले किसी व्यापारी का नाम मीडिया में सार्वजनिक न किया जाए। ‘उच्च स्तरीय जांच करा लीजिए, सच्चाई सामने आ जाएगी’ संजय सिंघानिया ने मुख्यमंत्री से पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की अपील की है। उन्होंने कहा कि व्यापारी मुख्यमंत्री को अपना संरक्षक मानते हैं और उन्हें भरोसा है कि मामले में निष्पक्ष जांच होगी। उन्होंने कहा, “आप उच्च स्तरीय जांच करा लीजिए, दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। सच्चाई खुद सामने आ जाएगी कि किस तरह व्यापारियों का शोषण हो रहा है।” चेम्बर अध्यक्ष ने कहा कि व्यापारियों को उम्मीद है कि जांच के बाद दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई होगी और व्यापारी बिना भय के अपना कारोबार कर सकेंगे।



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