Saturday, October 3, 2026
Homeबिज़नेसअपने ही खेल में फंस गए ट्रंप, जनता को बचाने के लिए...

अपने ही खेल में फंस गए ट्रंप, जनता को बचाने के लिए जी-7 देशों ने खोला अपना भंडार


Last Updated:

America Crisis : अमेरिका में अगले महीने मध्यावधि चुनाव आने वाले हैं और इससे पहले राष्ट्रपति ट्रंप के सामने बड़ी मुसीबत आ गई है. अमेरिका में तेल की कीमतें आसमान पर पहुंच गईं और हालात इतने गंभीर हो गए कि ट्रंप को जी -7 देशों से मदद की गुहार लगानी पड़ी. हालांकि, जी-7 देशों ने इसे स्वीकार कर लिया और 10 करोड़ बैरल तेल जारी करने पर सहमति जता दी है.

Zoom

अमेरिका में डीजल की कीमतें आसमान पर पहुंच गई हैं.

नई दिल्ली. ईरान और रूस पर प्रतिबंध लगाकर डोनाल्ड ट्रंप जिस संकट में दुनिया को धकेलना चाहते थे, अब उसमें खुद उनके ही देश के लोग घिरते नजर आ रहे हैं. हालात ऐसे बन गए हैं कि अमेरिकी राष्ट्रपति को जी-7 देशों के समूह से मदद की गुहार लगानी पड़ी. अब जी-7 देशों ने अमेरिका को इस संकट से बचाने के लिए अपना भंडार खोल दिया है. इस मदद में सबसे बड़ी हिस्सेदारी यूरोपीय देशों की है, जिसे ट्रंप आजकल खुलेआम धमकी देते नजर आते हैं.

यह सारा मामला जुड़ा है अमेरिका में डीजल की आसमान छूती कीमतों से. दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार रखने वाला अमेरिका इन दिनों ईंधन के संकट से जूझ रहा है. ऊपर से नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनाव को लेकर राष्ट्रपति ट्रंप और उनकी पार्टी पर काफी दबाव भी बढ़ रहा है. ऐसे में देश के लोगों पर इस बोझ को कम करने के लिए ट्रंप ने जी-7 देशों से मदद की गुहार लगाई और वहां से हरी झंडी भी मिल गई है. सात प्रमुख औद्योगिक देशों के समूह जी7 ने अपने रणनीतिक भंडार से 10 करोड़ बैरल तेल जारी करने पर सहमति जताई है. इसकी शुरुआत बड़े पैमाने पर डीजल जारी करने से होगी.

ट्रंप ने जताई फैसले पर खुशी
यह कदम अमेरिका में ईंधन की कीमत रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद उठाया गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि डीजल जारी करने की प्रक्रिया तत्काल शुरू होगी. नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों से पहले ट्रंप और उनकी रिपब्लिकन पार्टी पर बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने का भारी दबाव है. यही वजह है कि ट्रंप ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर इस फैसले की घोषणा करते हुए कहा कि यूरोप अपने भारी भंडार वाले डीजल तेल की एक बड़ी मात्रा जारी करने पर सहमत हो गया है और यह प्रक्रिया तत्काल शुरू होगी.

क्यों आया कीमतों में इतना उछाल
ईरान युद्ध और व्यापारिक टकरावों के कारण अमेरिका में तेल और अन्य वस्तुओं की कीमतों में भारी उछाल आया है, जिससे ट्रंप की लोकप्रियता रेटिंग में गिरावट देखी जा रही है. आठ महीने से जारी इस युद्ध के दौरान अमेरिका और अन्य देशों में गैस और ईंधन की कीमतें आसमान पर पहुंच गई हैं. हालांकि, ट्रंप बार-बार कहते रहे हैं कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए यह कीमत चुकाना जायज है. उनका दावा रहा है कि युद्ध समाप्त होने के बाद कीमतें नीचे आ जाएंगी,लेकिन फिलहाल इस युद्ध का कोई अंत नजर नहीं आ रहा है.

कितनी पहुंच गई अमेरिका में कीमत
अमेरिकन ऑटोमोबाइल एसोसिएशन (एएए) के अनुसार अमेरिका में एक गैलन डीजल का राष्ट्रीय औसत 22 सितंबर को 6.52 डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद शुक्रवार को 6.37 डॉलर रहा. अमेरिका स्थित फ्रांसीसी दूतावास के अनुसार, ट्रंप ने बढ़ती ईंधन कीमतों और पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता पर जी7 के अध्यक्ष व फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से रात में चर्चा की थी. इसके बाद मैक्रों ने इस मुद्दे पर चर्चा के लिए शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये जी7 नेताओं की एक बैठक की. अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) ईंधन की बढ़ती कीमतों से निपटने के इस प्रयास को आगे ले जाएगी. फ्रांस का कहना है कि आईईए के जरिये 10 करोड़ बैरल तेल जारी करने की अपनी प्रतिबद्धताओं को तत्काल लागू करेंगे, जो चार महीनों तक चलेगा. इसके तहत जी7 सदस्य और साझेदार देश पहले 20 दिनों के भीतर बड़े पैमाने पर डीजल जारी करेंगे.

About the Author

authorimg

Pramod Kumar Tiwari

प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…

और पढ़ें



Source link

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments