हाईकोर्ट ने आयुष ऑफिसर संविदा भर्ती-2025 पर अंतरिम रोक लगा दी हैं। जस्टिस अनूप ढंढ की अदालत ने यह रोक डॉ ज्योति जांगिड़ की याचिका पर सुनवाई करते हुए लगाई। याचिका में कहा गया था कि राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने 1340 आयुष ऑफिसर संविदा भर्ती का संयुक्त विज्ञापन निकाला था। इसमें आयुर्वेद, होम्योपैथी और यूनानी पद्वति के डॉक्टरों की भर्ती होनी थी। लेकिन बोर्ड ने तीनों ही पद्वतियों के डॉक्टरों की एक कॉमन जनरल मैरिट लिस्ट बना रहा हैं। इससे यह पता लगाना मुश्किल है कि किस पद्वति के कितने पद हैं और उनके लिए कितने आवेदन आए हैं। जबकि तीनों पद्वति के अलग-अलग पेपर होते हैं और कठिनाई का स्तर पर भी अलग-अलग होता है। एक्सपर्ट की रिपोर्ट की दरकिनार
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता अश्विनी जैमन ने बताया कोर्ट को बताया गया कि तीनों पद्वतियों की एक ही मैरिट लिस्ट बनाने के खिलाफ एक्सपर्ट की रिपोर्ट भी पेश हुई थी। इसमें तीनों पद्वतियों की एक ही मैरिट लिस्ट बनाने को गलत बताया था। लेकिन बोर्ड ने इस रिपोर्ट को दरकिनार करते हुए एक ही मैरिट लिस्ट बना रहा हैं। तीनों पद्वतियों में आयुर्वेद पद्वति का कठिनाई लेवल ज्यादा होता है। लेकिन तीनों की एक ही मैरिट लिस्ट बनने के कारण उन्हें मैरिट में नुकसान हो रहा है। इसलिए तीनों पद्वतियों की अलग-अलग मैरिट लिस्ट बनाकर नियुक्तियां दी जाएं।
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