चांदी का भाव आज फिर फिसला, सोने का दाम 1.42 लाख के पास, आपके शहर में कितना रेट
Last Updated:
Gold Silver Price Today: 27 अक्टूबर को भी सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट जारी है. MCX पर सोना 258 रुपये गिरकर 1,42,815 रुपये और चांदी 1,323 रुपये टूटकर 1,94,470 रुपये पर कारोबार कर रही है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दोनों मेटल्स के भाव फिसले हैं. मजबूत अमेरिकी डॉलर, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका से सोने-चांदी पर दबाव बना हुआ है. वहीं, HSBC की रिपोर्ट के मुताबिक, चांदी की सप्लाई में कमी 2026 में काफी घट सकती है.
सोने-चांदी की कीमतों में कई दिनों से गिरावट देखी जा रही है. आज 27 अक्टूबर को भी सोने का भाव MCX पर 258 रुपये फिसलकर 142815 रुपये पर कारोबार कर रहा है. चांदी की कीमत 1323 रुपये गिरकर 194470 रुपये पर ट्रेड कर रही है. इंटरनेशनल मार्केट में भी गोल्ड का रेट 0.08 फीसदी गिरकर 4,035 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड कर रही है और चांदी 0.97 फीसदी गिरकर 53 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही है.
देश के अलग-अलग शहरों में सोने की कीमतों में मामूली अंतर देखने को मिल रहा है. आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में 24 कैरेट सोने का भाव 14,291 रुपये प्रति ग्राम है, जबकि मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु, हैदराबाद, केरल और पुणे में यह 14,276 रुपये प्रति ग्राम है. चेन्नई में 24 कैरेट सोना 14,267 रुपये प्रति ग्राम पर है. 22 कैरेट सोने की कीमत दिल्ली में 13,101 रुपये प्रति ग्राम और चेन्नई में 13,086 रुपये प्रति ग्राम है.
वहीं, 18 कैरेट सोने का भाव दिल्ली में 10,722 रुपये प्रति ग्राम और चेन्नई में 10,706 रुपये प्रति ग्राम है. वडोदरा और अहमदाबाद में भी सोने की कीमतें लगभग समान हैं. एक्सपर्ट्स के अनुसार, सोने की कीमतों को स्थिर होने के लिए एक निचला स्तर अब बताया जा सकता है. कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से महंगाई बढ़ने का खतरा बना हुआ है.
Add News18 as
Preferred Source on Google
अमेरिकी डॉलर में मजबूती के कारण मंगलवार को भी सोने की कीमतों में गिरावट आई. निवेशकों की नजर अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक पर है, जिससे ब्याज दरों को लेकर आगे की दिशा का संकेत मिल सकता है. CME के FedWatch Tool के मुताबिक, ट्रेडर्स को इस सप्ताह अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरें बढ़ाने की 11% संभावना दिख रही है, जबकि दिसंबर में दरें बढ़ने की संभावना 82% है.
सोने को महंगाई से बचाव का एक अच्छा विकल्प माना जाता है, लेकिन ब्याज दरें बढ़ने से इसकी मांग पर दबाव पड़ता है. इसकी वजह यह है कि सोने से कोई ब्याज या नियमित कमाई नहीं होती, जबकि ऊंची ब्याज दरों पर दूसरे निवेश विकल्प आकर्षक हो जाते हैं. सोमवार को ऑस्ट्रेलिया की गोल्ड कंपनियों के शेयरों में 2.9% की तेजी आई, जिससे लगातार पांच दिनों से जारी गिरावट का सिलसिला टूट गया.
वहीं, एक रिपोर्ट के मुताबिक, चांदी की कीमतें फिलहाल संतुलित स्तर के करीब हैं. निवेशकों की मांग में सुधार से चांदी को सपोर्ट मिल सकता है. हालांकि, अमेरिकी डॉलर में मजबूती और चांदी की बढ़ती सप्लाई के कारण कीमतों में बड़ी तेजी आने की संभावना सीमित रह सकती है. HSBC ग्लोबल इन्वेस्टमेंट रिसर्च की रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में चांदी की ग्लोबल मांग और सप्लाई के बीच 14 करोड़ औंस की कमी दर्ज की गई थी. हालांकि, 2026 में यह कमी तेजी से घटकर 50 लाख औंस रहने का अनुमान है.
वहीं, 2027 में चांदी की सप्लाई में कमी थोड़ी बढ़कर 1.2 करोड़ औंस हो सकती है. यानी आने वाले वर्षों में चांदी के बाजार में मांग और सप्लाई का अंतर काफी हद तक कम होने की उम्मीद है. इस सप्ताह सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है. कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से महंगाई बढ़ने की चिंता गहरा रही है. इससे अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनाए रखने की उम्मीद मजबूत हो रही है.

