नई दिल्ली. दिवाली की खरीदारी इस साल महंगी हो गई है. कच्चे माल की बढ़ती लागत, खराब फसल और माल ढुलाई का खर्च बढ़ने से टीवी और एसी जैसे इलेक्ट्रोनिक्स गैजेट्स की कीमतों में 3 से 7 फीसदी तक का इजाफा हुआ है, वहीं मिठाइयों के दाम 15 फीसदी तक बढ़ गए हैं. दिवाली गिफ्टिंग और पकवानों की जान माने जाने वाले पिस्ता और बादाम सहित सभी ड्राई फ्रूट्स के रेट में तो भारी उछाल आया है. पिस्ता का रेट इस साल पिछली दिवाली के मुकाबले लगभग दोगुना हो गया है. दुकानदारों का मानना है कि सामान महंगा होने से भले बिक्री की कुल वैल्यू में बढ़ोतरी हो, लेकिन प्रति यूनिट के लिहाज से इस साल सेल गिरेगी.
दिवाली के मौके पर टीवी, फ्रीज और एसी जैसे इलेक्ट्रोनिक्स उपकरण खूब बिकते हैं. लेकिन, त्योहारी सीजन में हायर, एलजी और ब्लू स्टार सहित प्रमुख कंज्यूमर ड्यूरेबल्स कंपनियों ने अपने प्रोडक्ट्स की कीमतें बढ़ा दी हैं. इस वजह से आम ग्राहक को इस दिवाली अपने घर कोई उपकरण लाने के लिए ज्यादा जेब ढीली करनी होगी. यह बढ़ोतरी ऐसे समय हुई है जब आमतौर पर मिलने वाले डिस्काउंट और फेस्टिव ऑफर्स ग्राहकों को नए प्रोडक्ट खरीदने को आकर्षित करते हैं.
सिंगल डिजिट में रह सकती है सेल
मनीकंट्रोल की एक रिपोर्ट के अनुसार, इलेक्ट्रॉनिक्स रिटेलर विजय सेल्स को उम्मीद है कि इस फेस्टिव सीजन में मूल्य के लिहाज से भले ही बिक्री में 20 फीसदी की वृद्धि हो, लेकिन बिकने वाली यूनिट्स में बढ़ोतरी की संख्या सिंगल डिजिट में ही रहने का अनुमान है. विजय सेल्स के मैनेजिंग डायरेक्टर निलेश गुप्ता ने कहा, “हम देख रहे हैं कि ग्राहक अब ईएमआई पर ज्यादा निर्भर हो रहे हैं. हमारी लगभग 70 फीसदी खरीदारी ईएमआई के जरिए हो रही है. त्योहारी सीजन अच्छा रहा है. हमें बिक्री के मूल्य में दो अंकों में वृद्धि की उम्मीद है, लेकिन यूनिट की संख्या में बढ़ोतरी सिंगल डिजिट में ही रहेगी.”
सेलेकोर गैजेट्स के फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर रवि अग्रवाल का कहना है कि इस साल इंडस्ट्री को छोटे और बड़े, दोनों तरह के घरेलू उपकरणों की श्रेणियों में चुनौतियां झेलनी पड़ रही हैं. कस्टमर्स अब पहले से ज्यादा जागरूक हो गए हैं. लोग नया होम अप्लायंस या इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट खरीदने से पहले अधिक रिसर्च कर रहे हैं और चाहते हैं कि उनके पैसे का उन्हें सही मूल्य मिले.
15% तक महंगी हुईं मिठाइयां
दूध, खोया, चीनी, मेवे और पैकेजिंग सामग्री की लागत बढ़ने से मिठाइयों की मिठास पर भी महंगाई का साया पड़ गया है. उत्तर प्रदेश की मंडियों में चीनी की कीमत 4,800 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़कर 5,700 रुपये प्रति क्विंटल पहुंच गई है, जबकि हाल ही में कर्नाटक कैबिनेट ने नंदिनी दूध के दाम में 8 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी को मंजूरी दी है. दिल्ली की एक प्रमुख मिठाई दुकान चेन के प्रवक्ता ने नाम जाहिर न करने की शर्त पर बताया कि मिठाइयों और पारंपरिक पकवानों की मांग खत्म नहीं होगी, लेकिन हमें उम्मीद है कि ग्राहक अब छोटे पैक खरीदेंगे. रक्षाबंधन के बाद से ऐसा ही देखने को मिल रहा है. कंपनी ने दिवाली से ठीक पहले अपने दामों में करीब 15 फीसददी की बढ़ोतरी की है.
जयपुर में प्रीमियम और पारंपरिक मिठाइयों का कारोबार करने वाली ‘त्योहार स्वीट्स’ की संचालक अंजलि जैन का का कहना है कि इस साल उन्हें मिठाई के रेट 10 से 12 फीसदी तक बढ़ाने पड़े हैं. दूध, चीनी और ड्राई फ्रूट्स जैसे कच्चे माल से लेकर मिठाइयों पर इस्तेमाल होने वाले चांदी के वर्क और पैकेजिंग तक सभी चीजों के दाम बढ़ गए हैं. जैन ने कहा कि कई दुकानदार तो अब गिफ्टिंग हैम्पर्स में ड्राई फ्रूट्स की जगह सीड मिक्स का इस्तेमाल भी करने लगे हैं.
पिस्ता-बादाम का रेट भी आसमान पर
त्योहारी सीजन में ड्राई फ्रूट्स की कीमतों में सबसे तगड़ा उछाल आया है. इसकी मुख्य वजह उत्पादक देशों में फसल का खराब होना और लॉजिस्टिक्स खर्च बढ़ना है. पिछले साल दिवाली पर 800 से 900 रुपये प्रति किलोग्राम बिकने वाला बादाम अब खुदरा बाजार में 1,000 से 1,200 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया है. पिछले साल 900 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर बिकने वाला पिस्ता अब उछलकर 1,500 से 2,100 रुपये प्रति किलोग्राम तक बिक रहा है.
नट्स एंड ड्राई फ्रूट्स काउंसिल (इंडिया) के अध्यक्ष गुंजन जैन का कहना है कि पछली दिवाली के बाद से बादाम की कीमतों में लगभग 35 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. पिस्ता के दाम लगभग दोगुने हो गए हैं. ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका में फसल पैदावार कम रहने और पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण माल ढुलाई का खर्च भी बढ़ने से ड्राई फ्रूट्स के रेट चढ़ गए हैं.

