Monday, April 27, 2026
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AI में निवेश के बीच ग्लोबल लेवल पर टेक कंपनियां कर रहीं छंटनी, असल वजह पर बहस हुई तेज


Tech Companies Layoffs: मेटा और माइक्रोसॉफ्ट जैसी प्रमुख सॉफ्टवेयर कंपनियों ने हाल ही में अपने ग्लोबल कर्मचारियों की संख्या में बड़ी कटौती की घोषणा की है, वहीं दूसरी ओर ये कंपनियां आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) के क्षेत्र में काफी निवेश भी कर रही हैं। इस संबंध को स्पष्ट मानते हुए मेटा की मुख्य मानव संसाधन अधिकारी जेनेल गेल ने कहा कि करीब 10 प्रतिशत यानी लगभग 8,000 कर्मचारियों की छंटनी “अन्य निवेशों की भरपाई” के लिए की जा रही है। मेटा के प्रमुख मार्क जुकरबर्ग पहले ही एआई में बड़े स्तर पर तेजी लाने और इस वर्ष 115 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक की राशि खर्च करने की योजना की बात कर चुके हैं। 

माइक्रोसॉफ्ट दे रही VRS

इसी तरह माइक्रोसॉफ्ट भी एआई पर बड़ा दांव लगा रही है और उसने अपने अमेरिकी कार्यबल के लगभग 7 परसेंट कर्मचारियों के लिए स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति पैकेज (VRS) की घोषणा की है। इन दोनों दिग्गज कंपनियों के अलावा एटलासियन, ब्लॉक, वाइजटेक ग्लोबल और ओरेकल ने भी इस वर्ष इसी तरह के कदम उठाए हैं, जिनमें एआई का जिक्र तो किया गया, लेकिन सीधे तौर पर इसे जिम्मेदार नहीं ठहराया गया। इस पर बहस तेज है कि आखिर इन छंटनियों के पीछे असली वजह क्या है। 

तीन नजरियों पर हो रही बात

इसे प्रमुख रूप से तीन नजरियों से समझा जा रहा है। पहला नजरिया यह है कि एआई एक उभरती ‘सुपरइंटेलिजेंस’ है, जो भविष्य में अधिकांश बौद्धिक कार्यों में मनुष्यों से बेहतर हो सकती है। इस नजरिए के मुताबिक, ये छंटनियां केवल कॉरपोरेट पुनर्गठन नहीं, बल्कि एक बड़े बदलाव की शुरुआती आहट हैं। हालांकि विशेषज्ञ मानते हैं कि यह दावा अभी काफी ज्यादा है, क्योंकि अधिकांश पेशेवर काम जटिल और अस्पष्ट होते हैं। 

दूसरा नजरिया एआई को ‘हाइप’ मानता है। ओपनएआई के प्रमुख सैम अल्टमैन ने इसे “एआई वॉशिंग” कहा है-यानी कंपनियां उन छंटनियों के लिए एआई को कारण बता रही हैं, जो वे किसी भी स्थिति में करतीं। उदाहरण के लिए, मेटा ने मार्च में घोषणा की थी कि वह जून तक अपने मेटावर्स प्लेटफॉर्म होराइजन वर्ल्ड को बंद कर देगा। इस तकनीक को विकसित करने वाली संस्था रियलिटी लैब्स में जनवरी 2026 तक 15,000 लोग कार्यरत थे। जिससे संकेत मिलता है कि कुछ फैसले पहले की रणनीतियों से जुड़े हो सकते हैं। 

तीसरा और अधिक संतुलित नजरिया यह मानता है कि एआई एक शक्तिशाली उपकरण है, लेकिन इसका पूरा लाभ उठाने के लिए कंपनियों को अपने काम करने के तरीके बदलने होंगे। इस प्रक्रिया में कर्मचारियों की संख्या और भूमिकाओं में बदलाव स्वाभाविक है। कंपनियां अनिश्चितता के बीच कर्मचारियों पर अधिक उत्पादकता का दबाव डाल रही हैं, जिससे वे एआई का बेहतर उपयोग करना सीखें। उद्योग के अनुभव भी इस दिशा में संकेत देते हैं। उदाहरण के लिए सुंदर पिचाई के अनुसार एआई अपनाने से कंपनी की इंजीनियरिंग गति में लगभग 10 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है, जो कार्यबल में 7-10 प्रतिशत तक कटौती के अनुरूप हो सकती है। 

एक्सपर्ट्स का क्या है मानना

विशेषज्ञों का मानना है कि सॉफ्टवेयर विकास क्षेत्र व्यापक ‘नॉलेज वर्क’ में होने वाले बदलावों का शुरुआती संकेतक होता है। एआई से उत्पादकता में वृद्धि संभव है, लेकिन इसका प्रभाव सभी क्षेत्रों में समान नहीं है। इस परिदृश्य में एआई को समझना और उसका सही उपयोग करना एक जरूरी पेशेवर कौशल बनता जा रहा है।  आने वाले सालों में यह स्पष्ट होगा कि एआई वास्तव में कितना प्रभावी है। यदि कंपनियां नए कौशल वाले कर्मचारियों की भर्ती करती हैं और कार्यप्रणाली में सुधार लाती हैं, तो एआई की उपयोगिता साबित होगी। अन्यथा, यह केवल लागत बचाने का साधन बनकर रह जाएगा। विशेषज्ञों का कहना है कि टेक कंपनियों की दिशा समझने के लिए यह देखना अधिक महत्वपूर्ण है कि वे किन क्षेत्रों में नयी भर्तियां कर रही हैं, न कि केवल यह कि वे किन पदों में कटौती कर रही हैं। 

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