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BPSC AEDO exam cheating: बिहार लोक सेवा आयोग की AEDO परीक्षा के दौरान नालंदा में जो खुलासा हुआ उसने सभी को चौंका दिया. बायोमेट्रिक मशीन के होलोग्राम के अंदर आंसर की छिपाकर परीक्षार्थी तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही थी, जिसे अधिकारियों की सतर्कता ने मौके पर ही पकड़ लिया. इस मामले में एजेंसी के दो कर्मियों और एक अभ्यर्थी की गिरफ्तारी ने परीक्षा सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
BPSC AEDO परीक्षा में धांधली का नया तरीका पकड़ा गया. AI जेनरेटेड
पटना. बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी (AEDO) परीक्षा के दौरान नालंदा में नकल के एक बेहद शातिर तरीके का खुलासा हुआ है. अधिकारियों की सतर्कता से एक बड़ी धांधली समय रहते पकड़ ली गई और तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है. मामला नालंदा जिले के सोहसराय थाना क्षेत्र स्थित पीएल साहू प्लस टू उच्च विद्यालय परीक्षा केंद्र का है. बताया जाता है कि यहां परीक्षा के दौरान बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन प्रक्रिया के बीच संदिग्ध गतिविधि देखी गई. इसी क्रम में अधिकारियों को शक हुआ कि कुछ गड़बड़ चल रही है, जिसके बाद तुरंत जांच शुरू की गई और फिर मामले का भंडाफोड़ हो गया.
होलोग्राम में छिपाई गई आंसर की
जांच में सामने आया कि बायोमेट्रिक जांच एजेंसी के सुपरवाइजर चंदन कुमार और ऑपरेटर राहुल कुमार ने मशीन के होलोग्राम के अंदर आंसर की छिपा रखी थी. पटना की अभ्यर्थी श्वेता कुमारी जब वेरिफिकेशन के लिए पहुंची, तो उसे गुप्त तरीके से उत्तरों की पर्ची थमा दी गई. लेकिन, अधिकारियों की नजर से यह चालाकी बच नहीं सकी. तलाशी के दौरान परीक्षार्थी के पास से आंसर की बरामद कर ली गई, जिससे पूरे मामले का खुलासा हो गया.
तीन गिरफ्तार, एफआईआर दर्ज
घटना सामने आते ही परीक्षा केंद्र पर अफरा-तफरी मच गई. सेंटर सुपरिंटेंडेंट के आवेदन पर सोहसराय थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई. पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों कर्मियों और अभ्यर्थी को गिरफ्तार कर लिया. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आरोपी चंदन कुमार नूरसराय का रहने वाला है. पुलिस अब तीनों से पूछताछ कर रही है.
सॉल्वर गैंग कनेक्शन की जांच
पुलिस इस मामले को सिर्फ एक अकेली घटना मानकर नहीं चल रही है. जांच इस दिशा में भी की जा रही है कि क्या इसके पीछे कोई संगठित सॉल्वर गैंग सक्रिय है. आंसर की परीक्षा शुरू होने से पहले कैसे तैयार हुई और किसने उपलब्ध कराई, यह बड़ा सवाल बना हुआ है. अधिकारियों का मानना है कि अगर यह नेटवर्क बड़ा हुआ तो आने वाले दिनों में और खुलासे हो सकते हैं.
कम उपस्थिति ने भी खींचा ध्यान
इस परीक्षा में अभ्यर्थियों की उपस्थिति भी अपेक्षाकृत कम रही. जिले के 15 केंद्रों पर आयोजित परीक्षा में आधे से अधिक अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे. पहली पाली में 9732 में से 4285 और दूसरी पाली में 4250 परीक्षार्थी ही शामिल हुए. फिलहाल पूरे जिले में कदाचार का मामला सिर्फ इसी केंद्र से सामने आया है.
इस बार बड़ी धांधली टल गई, पर…
नालंदा में सामने आई यह घटना दिखाती है कि परीक्षा में नकल के लिए अब तकनीकी तरीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है. हालांकि, अधिकारियों की सतर्कता से इस बार बड़ी धांधली टल गई, लेकिन यह मामला संकेत देता है कि परीक्षा प्रणाली को और मजबूत करने की जरूरत है. पुलिस अब पूरे नेटवर्क की तह तक जाने की कोशिश में जुटी है.

