Monday, July 27, 2026
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CSJMU में अब कागजी हाजिरी का दौर खत्म: क्लास ऑनलाइन ट्रैक होंगी, रद्द होने पर फैकल्टी को कारण बताना होगा – Kanpur News


दीपेंद्र द्विवेदी | कानपुर3 मिनट पहले

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छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) ने कैंपस को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में एक नया कदम उठाया है। विश्वविद्यालय ने ‘डेली रिपोर्ट अटेंडेंस पोर्टल’ लॉन्च किया है। अब परिसर में मैन्युअल या कागजी हाजिरी की जगह यह ऑनलाइन पोर्टल लेगा, जिससे रोजाना आयोजित होने वाली और रद्द की गई कक्षाओं का सटीक और लाइव रिकॉर्ड मिल सकेगा।

इस नए सिस्टम को विश्वविद्यालय की अपनी ‘CAM AI’ टीम ने तैयार किया है। इस पहल का मुख्य मकसद रिपोर्टिंग में होने वाली गलतियों और गड़बड़ियों को खत्म करना है। इसके शुरू होने से अब विश्वविद्यालय प्रशासन को पढ़ाई और कक्षाओं के संचालन की पल-पल की जानकारी यानी रियल-टाइम अपडेट मिलती रहेगी।

तीन चरणों में दर्ज होगी जानकारी, गलत डेटा पर रिजेक्ट होगी रिपोर्ट

पोर्टल में डेटा एंट्री को पूरी तरह पारदर्शी और सटीक बनाने के लिए तीन-स्तरीय व्यवस्था लागू की गई है। रोजाना विभागाध्यक्ष अपने विभाग की कक्षाओं का विवरण पोर्टल पर दर्ज करेंगे। गलतियों को रोकने के लिए पोर्टल खुद गणितीय जांच करेगा। अगर कुल निर्धारित कक्षाएं, ली गई और रद्द हुई कक्षाओं के योग से मेल नहीं खाएंगी, तो सिस्टम रिपोर्ट स्वीकार ही नहीं करेगा।

एक बार विभागाध्यक्ष द्वारा आंकड़े सबमिट करने के बाद रिपोर्ट अपने आप लॉक हो जाएगी, ताकि बाद में उसमें कोई बदलाव न किया जा सके। इसके बाद स्कूल निदेशक अपनी अंतिम रिपोर्ट तभी सबमिट कर सकेंगे, जब उनके तहत आने वाले सभी विभागों की रिपोर्ट पूरी हो जाएगी।

कक्षाएं रद्द हुईं तो फैकल्टी को देना होगा लिखित कारण

नए पोर्टल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अगर कोई क्लास रद्द दर्ज की जाती है, तो सिस्टम फैकल्टी मेंबर के नाम के साथ उसका स्पष्ट कारण पूछेगा। मेडिकल लीव या प्रशासनिक काम जैसे कारण दर्ज करने होंगे, ताकि प्रशासन को पता चल सके कि पढ़ाई क्यों प्रभावित हुई।

लाइव डैशबोर्ड से रहेगी पूरी नजर इस पोर्टल के जरिए अब विश्वविद्यालय प्रशासन के पास एक लाइव डैशबोर्ड रहेगा। इस पर एक क्लिक करते ही पूरे कैंपस में कितनी कक्षाएं हुईं, कितनी रद्द हुईं और किस विभाग ने रिपोर्ट देने में देरी की, सब आसानी से देखा जा सकेगा। डेटा की सुरक्षा के लिए कर्मचारी सिर्फ अपने विभाग का ही रिकॉर्ड देख सकेंगे।



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