नई दिल्ली। इंद्रप्रस्थ सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईआईटी-दिल्ली) ने सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए आयोजित समर कैंप-2026 में सीखने का अलग मॉडल पेश किया। कक्षा 6 से 8वीं तक के छात्रों के लिए आयोजित इस कैंप में पारंपरिक पढ़ाई की जगह व्यावहारिक अनुभव और गतिविधि आधारित शिक्षण पर जोर दिया गया। पूरे कार्यक्रम के दौरान बच्चों के आत्मविश्वास, संवाद कौशल और तार्किक सोच यानी थ्री-सीएस को विकसित करने के लिए विशेष सत्र आयोजित किए गए। कैंप में छात्रों ने पैटर्न रिकॉग्निशन और कम्प्यूटेशनल थिंकिंग के जरिए कंप्यूटर की शुरुआती अवधारणाओं को समझा, जबकि प्रोडक्ट डेवलपमेंट गतिविधियों में नए विचारों को आकार देना सीखा। पब्लिक स्पीकिंग, ड्रामा, कला और लाइफ स्किल्स की कार्यशालाओं ने बच्चों को अपनी बात प्रभावी ढंग से रखने का अवसर दिया। वहीं हर सप्ताह आयोजित मिस्ट्री लैब में विज्ञान के रोचक प्रयोगों ने विद्यार्थियों की जिज्ञासा को नई दिशा दी।
विद्यार्थियों को चुनौती के लिए तैयार किया संस्थान का मानना है कि ऐसे कार्यक्रम सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों में विज्ञान और तकनीक के प्रति रुचि बढ़ाने के साथ उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए भी तैयार करते हैं। कैंप ने बच्चों को नई दोस्ती, रचनात्मक सोच और समस्या समाधान की व्यावहारिक समझ भी दी। समर कैंप मैनेजमेंट टीम, आईआईआईटी-दिल्ली ने कहा, हमारा उद्देश्य बच्चों को केवल पढ़ाना नहीं, बल्कि उनकी जिज्ञासा, रचनात्मकता और आत्मविश्वास को नई पहचान देना था। सही अवसर मिलने पर सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी भी अपनी प्रतिभा से शानदार प्रदर्शन कर सकते हैं।
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