Thursday, July 16, 2026
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KGMU में दवा घोटाले की जांच तेज: यूरोलॉजी विभाग के दवा वितरण कर्मी हटाए गए, लखनऊ छोड़ने पर रोक – Lucknow News




KGMU के यूरोलॉजी विभाग में असाध्य योजना के तहत कैंसर मरीजों को मिलने वाली महंगी दवा व इंजेक्शन में घोटाले के आरोप में दवा वितरण में लगे सभी कर्मचारियों को हटा दिया गया। उन्हें विभागाध्यक्ष कार्यालय से संबंद्व किया गया है। सभी कर्मचारियों को लखनऊ न छोड़ने के निर्देश संस्थान ने दिए हैं। KGMU प्रशासन का कहना है कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सोमवार तक दे देगी। जिसके बाद दोषी कर्मचारियों के ​​खिलाफ मुकदमा दर्ज कराकर उनसे रिकवरी कराई जाएगी।
यूरोलॉजी विभाग में प्रोस्टेट, किडनी, पेशाब की थैली समेत दूसरे अंगों के कैंसर से पीड़ितों का इलाज होता है। गरीब कैंसर मरीजों को मुफ्त इलाज मुहैया कराने के लिए असाध्य योजना का संचालन किया जा रहा है। इस तरह हुआ था खेल
यूरोलॉजी विभाग में असाध्य योजना में पंजीकृत कैंसर मरीजों के नाम पर महंगी दवाओं की फर्जी खपत दिखाकर सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका है। विभाग में अक्टूबर-नवंबर 2025 में विभाग में जहां 10 लाख रुपये माह की दवाओं की खपत थी। वहीं, फरवरी 2026 में करीब 40 लाख रुपये की दवाएं खप गईं। मार्च में यह बजट बढ़कर 45 लाख रुपये से ज्यादा के आंकड़े को पार कर गया। महंगी दवाओं के तेजी से बढ़ते बजट पर अफसरों को शक हुआ। उन्होंने बिल और डॉक्टरों के प्रिसक्रिप्सन ऑडिट शुरू किया। जिसमें ढ़ेरों गड़बड़ी सामने आई। हालात यह है कि कुछ मरीज को कागजों पर ताकत बढ़ाने व प्रोटीन के इंजेक्शन माह भर में चार से पांच लगा दिए गए। जबकि एक इंजेक्शन छह माह में एक बार लगाया जा सकता है। हर इंजेक्शन की कीमत आठ से 10 हजार रुपये है। खुलेआम हुआ नियम का उल्लंघन
कैंसर मरीजों को भर्ती कर दवा लगाने का नियम है। इस नियम का भी उल्लंघन किया गया। अधिकारियों ने दो करोड़ रुपये की दवाओं की घपलेबाजी की आशंका जाहिर की है। यूरोलॉजी विभाग में अफसरों ने चेहते संविदा कर्मचारी को असाध्य योजना की दवाओं की जिम्मेदारी सौंपी थी। इन सभी कर्मचारियों को हटाकर विभागाध्यक्ष कार्यालय से संबंद्व कर दिया गया है। जांच होने तक वह लखनऊ छोड़कर नहीं जाएंगे। दोषियों से होगी रिकवरी
KGMU प्रवक्ता डॉ. केके सिंह के मुताबिक, संविदाकर्मियों को दवा काउंटर से हटा दिया गया है। सोमवार तक कमेटी अपनी रिपोर्ट देगी। दोषी मिलने पर संबं​धित कर्मचारियों से रिकवरी होने संग उनकी सेवा भी समाप्त होगी।



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